रांची:बीआईटी मेसरा इलाके में हुआवेई फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले राहुल सिंह गैंग के पांच गुर्गे कोकर में छिपकर किसी बड़े कांड को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। इस बात की भान के पुलिस को लग गई और पुलिस ने समय रहते इन्हें धर दबोचा। पुलिस का दावा है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो आगे कोई बड़ी वारदात भी हो सकती थी। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी अमन कुमार ठाकुर उर्फ छोटू , करन कुमार उरांव, विशाल मुण्डा, सेंटू सिंह और रामानंद कुमार शामिल हैं। इनके पास से हथियार, जिंदा कारतूस, बाइक और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस बात का खुलासा रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने किया है।
सिटी एसपी पारस राणा ने मीडिया को बताया कि घटना चार फरवरी की शाम की है। बीआईटी मेसरा के पास टोयोटा शोरूम के नजदीक अचानक हवाई फायरिंग हुई। उस वक्त सड़क पर आवाजाही थी और गोली चलने की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। हालांकि इस फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन मकसद साफ था, दहशत फैलाना। इस मामले में सदर (मेसरा) थाना कांड संख्या 49/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि पुलिस शुरू से ही इसे गंभीरता से ले रही थी।
गुप्त सूचना से खुला पूरा खेल
17 फरवरी को पुलिस को सूचना मिली कि इस वारदात का मुख्य आरोपी कोकर के सुंदर विहार इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर सिटी एसपी पारस राणा की देखरेख में और सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। छापेमारी के दौरान करीब 20 साल के अमन कुमार ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया। वह ओरमांझी थाना क्षेत्र के पाचा गांव का रहने वाला है। पूछताछ में उसने फायरिंग में अपनी भूमिका कबूल कर ली।
घर में छिपाकर रखे थे हथियार और बाइक
अमन की निशानदेही पर पुलिस ने उसके गांव पाचा स्थित घर में छापा मारा। वहां से एक पिस्टल, दो जिंदा गोलियां और एक नीले रंग की अपाची मोटरसाइकिल बरामद हुई, जिसे पहचान छिपाने के लिए काले रंग से पेंट किया गया था। इसके अलावा छह मोबाइल फोन, हेलमेट, वारदात के समय पहने गए कपड़े और चप्पल भी बरामद किए गए। पुलिस को शक है कि वारदात के बाद सबूत मिटाने की तैयारी भी की जा रही थी।
बाकी चार आरोपी भी दबोचे गए
अमन की निशानदेही पर पुलिस ने करन कुमार उरांव, विशाल मुण्डा, सेंटू सिंह और रामानंद कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक ये सभी पहले से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और गिरोह के लिए काम करते थे।
पहले से दर्ज हैं गंभीर मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अमन कुमार ठाकुर और करन कुमार उरांव के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट और रंगदारी जैसे मामलों में केस दर्ज हैं। करन के खिलाफ रांची और आसपास के थानों में कई आपराधिक मामले चल रहे हैं। सेंटू सिंह के खिलाफ भी पहले आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस फायरिंग के पीछे सिर्फ दहशत फैलाना मकसद था या किसी को संदेश देने की कोशिश।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा के नेतृत्व में थानेदार कुलदीप कुमार, मेसरा ओपी प्रभारी अजय कुमार दास, तकनीकी शाखा की टीम और कई पुलिसकर्मियों ने मिलकर काम किया। लगातार निगरानी और तकनीकी इनपुट के सहारे आरोपियों तक पहुंचा गया। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है और जरूरत पड़ी तो और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। क्या बता गये सिटी एसपी पारस राणा… देखें












