वैसे तो चुनाव आयोग और सरकार झारखंड में नगर निगम नगर परिषद के चुनाव को स्थानीय मुद्दों और विकास के एजेंडे पर लड़ने की बात कही जा रही है लेकिन तमाम जगहों से ऐसी खबरें आ रही है कि इन चुनावों का अब पूर्ण रूप से राजनीतिकरण हो चुका है और जैसे-जैसे चुनाव की तिथियां नजदीक आ रही है सियासी पारा हाई हो गया है। इसी बीच एक और खबर ने इस बात पर सोचने के लिए लोगों को मजबूर कर दिया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव और केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ ऐसा ही कह दिया। जिससे झारखंड के सियासी पारा और गर्म होने की कयास लगाए जा रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की बात तो छोड़िए झारखंड में गठबंधन में सरकार चला रही कांग्रेस पर भी रांची नगर निगम चुनाव में चुनाव प्रचार के तौर तरीकों पर गंभीर सवाल उठाया है और उसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन तक बता डाला है।सुप्रियो भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन कर रहे हैं।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने स्पष्ट रूप से कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व है, लेकिन अगर इसमें नियमों की अनदेखी होगी तो पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होंगे। उनका आरोप है कि झामुमो को छोड़कर कई दल, खासकर भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, अपने प्रचार में चुनाव चिह्न के साथ बड़े नेताओं की तस्वीरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर आदर्श आचार संहिता के खिलाफ है। चुनाव के दौरान प्रतीकों और तस्वीरों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश होते हैं, लेकिन कुछ दल उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं।
झामुमो प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि कुछ मेयर प्रत्याशियों के बैनर और पोस्टरों में आपत्तिजनक और सांप्रदायिक टिप्पणियां की गई हैं। उनके मुताबिक, इस तरह की भाषा न सिर्फ चुनावी माहौल को खराब करती है बल्कि शहर की सामाजिक एकता को भी प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव स्थानीय मुद्दों और विकास के एजेंडे पर लड़ा जाना चाहिए, न कि भावनाएं भड़काने वाले बयानों के सहारे।
चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग
झामुमो ने पूरे मामले में भारत निर्वाचन आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी का कहना है कि आयोग को तुरंत संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए और अगर नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, और इस दिशा में समय रहते कदम उठाना जरूरी है।
“विकास के लिए जनभागीदारी जरूरी”
आरोपों के बीच उन्होंने मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील भी की। उनका कहना है कि नगर निकायों का सीधा संबंध आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से होता है। सड़क, पानी, सफाई, रोशनी जैसे मुद्दे नगर निगम से ही जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि अगर जनता सकारात्मक जनादेश देती है तो राज्य सरकार और नगर विकास विभाग की योजनाओं को और मजबूती मिलेगी, जिससे शहर के विकास को रफ्तार दी जा सकेगी।
मतदाताओं से जिम्मेदारी निभाने की अपील
अंत में झामुमो की ओर से यह संदेश दिया गया कि हर वोट की अपनी अहमियत है। लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब लोग जागरूक होकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल रांची नगर निगम चुनाव में आचार संहिता को लेकर उठे इन आरोपों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। अब सबकी नजर चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।













