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झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने 6450 करोड़ रुपए का तृतीय अनुपूरक बजट किया पेश

On: February 20, 2026 3:36 PM
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रांची;झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में 6450 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया। सरकार का कहना है कि इस बजट से विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों को गति मिलेगी। वित्त मंत्री ने बताया कि यह राशि सभी विभागों के सुचारू संचालन और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद करेगी।

सत्र शुक्रवार को तीसरे दिन भी चर्चा और सवालों के दौरान शून्यकाल में विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों तरफ के विधायक जोरदार तरीके से छात्रों, रैयतों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते दिखे।

शून्यकाल के दौरान विधायकों ने छात्रों के मुद्दों को लेकर कई सवाल उठाए।

जो निम्न प्रकार से हैं

शैक्षिक संस्थानों में सुविधाओं की कमी
छात्रवृत्ति का समय पर न मिलना
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी परेशानियां
विधायकों ने सरकार से अनुरोध किया कि छात्रों को समय पर सुविधाएं और आर्थिक मदद मिले, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

रैयतों की चिंता, खेती और सिंचाई पर सवाल
विधायकों ने किसानों और रैयतों की समस्याओं पर भी जोर दिया। मुख्य मुद्दे थे:

खेती और सिंचाई योजनाओं में होने वाली देरी
मुआवजा और सब्सिडी में समय पर भुगतान न होना
इस पर सरकार ने आश्वासन दिया कि योजनाओं को जल्द पूरा किया जाएगा और किसानों को राहत मिलेगी।

आम जनता के सवाल : सड़क, बिजली और स्वास्थ्य
साधारण जनता के मुद्दों को भी विधायक नजरअंदाज नहीं हुए। सड़क निर्माण में देरी, बिजली की कटौती, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसे मामलों पर सवाल उठाए गए। विधायकों ने सरकार से कहा कि जनसरोकार से जुड़े मामलों में शीघ्र कार्रवाई की जाए ताकि आम लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

विकास को गति देने का प्रयास
वित्त मंत्री ने बताया कि तृतीय अनुपूरक बजट से राज्य के स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क निर्माण, ग्रामीण विकास और अन्य परियोजनाओं में जरूरी अतिरिक्त राशि उपलब्ध होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य में विकास की गति बढ़ाने में मदद करेगा।

अब सरकार की बारी
विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों को ध्यान में रखते हुए अब सरकार के सामने चुनौती है कि वह इन मामलों में ठोस और जल्दी कदम उठाए।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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