दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। जिले के गीदम थाना क्षेत्र के जंगल-पहाड़ी इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच लाख रुपये का इनामी नक्सली मारा गया है। मारे गए नक्सली की पहचान राजेश पुनेम के रूप में हुई है, जो माओवादियों की भैरमगढ़ एरिया कमेटी का सक्रिय सदस्य था।
दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक गौरव राय के अनुसार, सुरक्षाबलों को तीन मार्च को गीदम थाना क्षेत्र के गुमलनार, गिरसापारा और नेलगोड़ा गांवों के बीच जंगल-पहाड़ी इलाके में नक्सलियों द्वारा हथियार और अन्य सामग्री छिपाए जाने की सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम को इलाके में सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया।
बुधवार रात जब सुरक्षाबल इलाके में घेराबंदी कर आगे बढ़ रहे थे, तभी रात करीब नौ बजे भैरमगढ़ एरिया कमेटी से जुड़े आठ से दस नक्सलियों ने अचानक जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। कुछ देर तक दोनों ओर से चली गोलीबारी के बाद नक्सली मौके से जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए।
मुठभेड़ के बाद जब सुरक्षाबलों ने इलाके की तलाशी ली तो घटनास्थल से एक नक्सली का शव बरामद हुआ। बाद में उसकी पहचान बीजापुर जिले के बुरजी गांव निवासी राजेश पुनेम के रूप में की गई। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में शामिल था और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने मौके से एक सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक इंसास राइफल, मैगजीन के साथ एक पिस्तौल, एक वॉकी-टॉकी सेट, कई मैगजीन और बड़ी मात्रा में एसएलआर तथा इंसास के कारतूस और खाली खोखे भी बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ के बाद इलाके में अभी भी सघन तलाशी अभियान जारी है, ताकि फरार नक्सलियों का पता लगाया जा सके। सुरक्षाबलों को आशंका है कि आसपास के जंगलों में अन्य नक्सली छिपे हो सकते हैं, इसलिए पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।














