लखनऊ: उत्तरप्रदेश में लखनऊ के आशियाना इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां ससुरालवालों ने पीट-पीटकर दामाद की हत्या कर दी। यह घटना मंगलवार (17 मार्च) की रात की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
वारदात के बारे में सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जायजा लिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपित ससुर व उनकी चार बेटियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
आशियाना इलाके में स्थित एक मकान में वकील तीर्थराज सिंह के अपनी पत्नी सरोज और पांच बेटियों राधा (28),साक्षी (26),रत्ना (22),ज्योति (19) एवं एक किशोरी पुत्री संग रहते है। साक्षी ने चार साल पहले अपने परिवार के खिलाफ जाकर जनपद प्रतापगढ़ रहने वाले विष्णु यादव (30) के साथ घर से भागकर प्रेम विवाह किया था। जिससे ससुराल पक्ष नाराज था। 15 मार्च को उनकी बेटी साक्षी अपने पति विष्णु यादव और 3 साल की बेटी के साथ आई थी। परिवार के लोग तब से वहीं रुके हुए थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात खाना खाने के बाद किसी बात को लेकर दामाद और ससुर के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते यह झगड़ा हिंसक हो गया और हाथापाई में बदल गया।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष जिसमें सास, ससुर, और चार सालियां शामिल थीं, ने विष्णु को कमरे में बंद कर दिया और उसकी बेरहमी से पिटाई की। इसी दौरान ससुर तीर्थराज सिंह ने चारपाई के पाए से विष्णु के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
मृतक की पत्नी साक्षी सिंह ने भी पुलिस को दिए बयान में स्वीकार किया कि उसके परिवारवालों ने पति के साथ मारपीट की थी। उसने बताया कि वह बीच-बचाव करती रही, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। इस दौरान उसे भी चोटें आईं।
मृतक के परिजनों ने बताया कि शादी के बाद से ही रिश्तों में तनाव बना हुआ था। परिजनों का कहना है कि ससुरालवालों द्वारा पहले भी गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी और कई बार जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
बताया जा रहा है कि करीब 2 साल पहले विष्णु यादव पर अपनी सबसे छोटी साली के अपहरण का आरोप लगा था, जिसमें वह जेल भी गया था। हालांकि एक साल पहले उसकी रिहाई हो गई थी, लेकिन इस घटना के बाद ससुर और दामाद के रिश्ते और खराब हो गए थे।














