प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के मांधाता कोतवाली क्षेत्र में प्रेम संबंध और ब्लैकमेलिंग के विवाद में एक पूर्व प्रधान की निर्मम हत्या कर दी गई। इस वारदात में मुख्य आरोपी एक विवाहित महिला निकली, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके भाई और एक अन्य साथी की तलाश जारी है।
मृतक की पहचान सुमेरपुर गांव निवासी मुस्तका गुलशन उर्फ मुन्ना (50) के रूप में हुई है। वह गांव के पूर्व प्रधान रह चुके थे और अपने बड़े परिवार के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि उनकी दो शादियां थीं, पहली पत्नी किस्मतुल निशा और दूसरी अम्बिया बानो और दोनों से मिलाकर उनके कुल 18 बच्चे हैं। पूरा परिवार एक साथ निवास करता है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मुस्तका गुलशन का क्षेत्र की एक विवाहित महिला सुमन गौतम से लंबे समय से प्रेम संबंध था। आरोप है कि मृतक महिला पर लगातार मिलने का दबाव बना रहा था और उसे ब्लैकमेल भी कर रहा था। इसी से तंग आकर महिला ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली।
जानकारी के मुताबिक, 18 मार्च को सुमन गौतम अपने मायके जेठवारा के बगियापुर गांव आई थी। उसी रात उसने मुस्तका गुलशन को मिलने के लिए बुलाया। पहले से तय योजना के तहत वहां महिला का भाई अतुल गौतम और उसका दोस्त अरुण गौतम भी मौजूद थे। जैसे ही मुस्तका वहां पहुंचे, तीनों ने मिलकर उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के इरादे से शव को बोरे में भर दिया और उसे नहर किनारे फेंककर फरार हो गए। इधर, जब मुस्तका गुलशन घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच के दौरान मृतक की मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली, जिससे सुमन गौतम तक पहुंच बनी। हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर रविवार को नहर किनारे से बोरे में बंद शव बरामद कर लिया गया।
पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच-पड़ताल में जुटी हुई है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।














