उत्तर प्रदेश;अयोध्या के राजघाट स्थित महालक्ष्मी नारायण यज्ञशाला में नौ दिवसीय यज्ञ के बाद अचानक भीषण आग लग गई। इस खबर से हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि आग लगने के समय यज्ञशाला खाली थी और इस हादसे में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई थी.यज्ञ का आयोजन उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के नेतृत्व में 20 मार्च से 28 मार्च तक हुआ था.
वहीं दूसरी ओर आग की वजह से लाखों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है. आग इतनी भीषण थी कि एक एकड़ में फैला यज्ञ स्थल कुछ ही मिनटों में जलकर खाक हो गया. जहां यह भीषण आग लगी वह राम मंदिर से मात्र 800 मीटर की दूरी पर स्थित है. हालांकि गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त यज्ञशाला खाली थी. इससे कोई जनहानि नहीं हुई.
यूपी के मंत्री दयाशंकर सिंह के नेतृत्व में हुआ था यज्ञ का आयोजन
मिली जानकारी के अनुसार यह महायज्ञ 20 मार्च से 28 मार्च तक आयोजित किया गया था, जिसका नेतृत्व उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह कर रहे हैं. सुबह लगभग 11:30 बजे पूर्णाहुति के साथ यज्ञ संपन्न हो गया था और श्रद्धालु वहां से जा चुके थे.
इसी दौरान अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई.घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा. निखिल टीकाराम फुंडे और डॉ. गौरव ग्रोवर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया.
मंत्री बोले- कोई जनहानि नहीं, आग लगने के कारणों की हो रही जांच
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि आग में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, जो सबसे बड़ी राहत की बात है. उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है और इसकी जांच के लिए टेक्निकल टीम को लगाया जाएगा.प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी है और आग लगने के वास्तविक कारणों का जल्द खुलासा होने की उम्मीद है.
फायर बिग्रेड की 10 गाड़ियों ने 2 घंटे में आग पर पाया काबू
हादसे के बारे में मुख्य अग्निशमन अधिकारी MP सिंह ने बताया कि आग लगने की सूचना पर तुरंत फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गईं थीं. करीब 10 गाड़ियों ने 2 घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया. किसी जनहानि की सूचना नहीं है.












