हजारीबाग: विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय मासूम छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के खिलाफ आज ‘छात्र युवा अधिकार संघ’ के बैनर तले आक्रोशित युवाओं और नागरिकों ने शहर की सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय गांधी मैदान से जिला परिषद चौक तक निकाले गए इस ‘न्याय मार्च’ में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और महिलाएं शामिल हुए, जिन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आवाज बुलंद की।
आरोपियों की गिरफ्तारी और फांसी की मांग
इस न्याय मार्च का नेतृत्व जीवन यादव,पूजा कुमारी और रवींद्र पासवान,राधे मेहता कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी “बेटी को न्याय दो”, “दोषियों को अविलंब गिरफ्तार करो” और “बलात्कारियों को फांसी दो” जैसे नारे लगा रहे थे।आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच के लिए एक ‘उच्च स्तरीय कमेटी’ का गठन किया जाए ताकि जांच जल्दी और सही तरीके से हो सके।
सामाजिक पतन पर चिंता
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जीवन कुमार ने कहा, “यह घटना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज को शर्मिंदा करने वाली है। हमें यह स्वीकार करना होगा कि पीड़िता और आरोपी दोनों इसी समाज का हिस्सा थे। इसका अर्थ है कि हमारी सामाजिक व्यवस्था में कहीं न कहीं गहरी गिरावट आई है।” उन्होंने आगे कहा कि केवल कानूनी कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी जागरूकता और कड़े कदम उठाने की जरूरत है।पूजा कुमारी ने कहा कि छोटे छोटे बच्चों के हाथों में मोबाइल फोन ने अवांछित चीजें उनके सामने परोस दी है।इस पर नियंत्रण जरूरी है।समाज में नैतिकता का पतन हुआ है
रविंद्र पासवान ने कहा कि यदि आरोपियों को कानून का भय होता तो वह इस प्रकार की घटना को अंजाम बिल्कुल नहीं देते हैं यदि कानून के शक्ति के बावजूद भी इस तरह की घटनाएं घट रही है तो कहीं ना कहीं आज लोगों में बेपरवाहपन और किसी भी चीज का भाई नहीं रह गया है ऐसे में इस तरह की सोच रखने वाले लोगों का शिकार कोई भी और कभी भी हो सकता है ऐसे में सामाजिक रूप से हमें सचेत रहने की आवश्यकता है।
अश्लील साहित्य और नशे पर रोक की मांग
छात्र युवा अधिकार संघ राधे मेहता ने प्रशासन से मांग की कि समाज में बढ़ती विकृति को रोकने के लिए अश्लील सिनेमा, अश्लील साहित्य और नशीले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अविलंब पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे तत्व युवाओं की मानसिकता को दूषित कर रहे हैं, जिसका परिणाम ऐसी जघन्य घटनाओं के रूप में सामने आता है।
प्रमुख मांगें:
मुख्य आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल के जरिए फांसी की सजा।
घटना की जांच हेतु उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन।
अश्लील फिल्म, साहित्य और नशे के कारोबार पर सख्त रोक।
पीड़ित परिवार को सुरक्षा और उचित मुआवजा।
इस न्याय मार्च में जीवन कुमार,पूजा कुमारी,हैदर अली,उपेंद्र,नीतीश,नीतू,अर्चना ,विनय,सरिता,तथा दर्जनों लोग के शहर उपस्थित थे, जिन्होंने संकल्प लिया कि जब तक मासूम को न्याय नहीं मिलता, यह आंदोलन जारी रहेगा।








