पटना: देश के कई हिस्सों में एक और भीषण गर्मी तपती धूप से लोग बेहाल है। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में आंधी बारिश और वर्षा जनित घटनाओं में भारी तबाही मची है और खबर आ रही है कि बिहार में भी भारी तबाही की खबर आ रही है। गुरुवार की देर रात से शुक्रवार की दोपहर तक अलग-अलग जिलों में आंधी-बारिश ने भारी क्षति पहुंचाई। वज्रपात से 18 लोगों की मौत हो गई। वहीं आंधी के कारण दीवार गिरने और अन्य हुए हादसे में तीन की जान चली गई। आम-लीची और फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। बारिश के कारण कई ट्रेनें जहां-तहां फंसी रहीं तो कई विमानों को डायवर्ट करना पड़ा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपदा प्रबंधन और कृषि विभाग को आंधी-बारिश से नुकसान के आकलन का निर्देश दिया है। इधर, जगह-जगह पेड़ गिरने और पोल-तार धराशायी होने से बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। ट्रेन परिचालन पर भी असर पड़ा। 13 जिलों में झमाझम बारिश हुई। इस दौरान हवा की रफ्तार 70 से 74 किमी प्रतिघंटे तक रही। भागलपुर में गुरुवार रात से शुक्रवार तक 40 मिमी बारिश हुई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा। Also Read – DIMAPUR: डॉ. मोत्सुओ मेमोरियल डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में ALS एम्बुलेंस लॉन्च की गई ठनका गिरने से पटना जिले में पांच, नवादा में तीन, गया में तीन,औरंगाबाद में शिक्षक सहित दो, सारण में किसान समेत दो, पूर्वी चंपारण में 12 वर्षीय छात्र, खगड़िया और भागलपुर में एक-एक की मौत हुई। वहीं, भोजपुर के चौरी गांव में झोपड़ी में ठनका गिरने से आग लग गयी। इसमें दंपती समेत एक परिवार के पांच लोग झुलस गये। सासाराम के परसथुआ में आंधी के बीच दीवार गिरने से उसमें दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गयी। पूर्वी चंपारण के पूर्वी सिसवा में पेड़ की मोटी डाल गिरने से 40 वर्षीय व्यक्ति और पश्चिमी सिसवा में ठनका की आवाज सुन पेड़ से गिरने से बालक की मौत हो गई।









