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हजारीबाग: हॉस्टल में छात्र का शव फंदे से संदिग्ध हालात में झूलता मिला, मची सनसनी

On: May 24, 2026 11:23 AM
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हजारीबाग:कोर्रा थाना क्षेत्र में स्थित कुमार बॉयज हॉस्टल में एक छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से झूलता हुआ संदिग्ध रूप से मिलने से हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि वह स्नातक प्रथम सेमेस्टर का छात्र था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचे और मामले की जांच में जुट गई है।

मृतक छात्र की शिनाख्त गिरिडीह के रहने वाले पंकज कुमार सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घटना के समय छात्र अपने कमरे में अकेला था और दरवाजा अंदर से बंद पाया गया. जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं दिखी तो हॉस्टल में रहने वाले दूसरे छात्रों को शक हुआ और सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही कोर्रा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने इसके बाद मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी और उन्हें हजारीबाग बुलाया गया.

परिजनों के पहुंचने के बाद ही कमरे का दरवाजा खोला जाएगा और शव को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा जाएगा. फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है.

पंकज को उसके साथी छात्र एक शांत और मेहनती युवक के रूप में जानते थे. पढ़ाई में अच्छा होने के साथ-साथ वह तकनीकी क्षेत्र में भी गहरी रुचि रखता था. बताया जा रहा है कि उसने ‘वन नियर’ नाम का एक डिजिटल ऐप भी विकसित किया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले छात्रों की मदद करना था. इस ऐप के जरिए नए छात्रों को हॉस्टल, किराए के कमरे और कॉलेज से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी आसानी से मिल सकती थी. पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, कमरे और अन्य डिजिटल डिवाइस की भी जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके. मामला अभी जांच के अधीन है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है.

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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