24 जून से 5 जुलाई 2026 तक आंध्र भक्त श्री राम मंदिर, बिष्टुपुर में होंगे भव्य धार्मिक आयोजनजमशेदपुर;आंध्र भक्त श्री राम मंदिर, बिष्टुपुर में भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के 57वें ब्रह्मोत्सवम एवं श्री वेंकटेश्वर स्वामी कल्याण महोत्सव का आयोजन 24 जून से 5 जुलाई 2026 तक तिरुमला-तिरुपति देवस्थानम् की परंपराओं एवं वैदिक रीति-रिवाजों के अनुरूप भव्य रूप से किया जाएगा। 12 दिवसीय इस महोत्सव के दौरान प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेकम्, वाहन सेवाएं, नगर भ्रमण, रथोत्सव एवं कल्याण महोत्सव आयोजित होंगे।
मंदिर समिति के डिप्टी प्रेसिडेंट जम्मी भास्कर ने बताया कि इस वर्ष का आयोजन विशेष होगा। तिरुपति से वैदिक विद्वान एवं पुरोहितगण आमंत्रित किए गए हैं, जो संपूर्ण अनुष्ठानों का संचालन करेंगे। दक्षिण भारत से आने वाले विशेष कारीगरों द्वारा तिरुपति लड्डू प्रसादम् की तर्ज पर प्रसाद तैयार किया जाएगा, जिसका वितरण श्रद्धालुओं के बीच किया जाएगा।24 जून : अंकुरार्पणम् एवं ब्रह्मोत्सवम का शुभारंभप्रातः नित्यकाटला पूजा एवं अभिषेकम् के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। सायंकाल आचार्यवरणम्, विश्वक्सेन पूजा, मृद्संग्रहणम्, अंकुरार्पणम् एवं ध्वजपाद प्रतिष्ठा जैसे महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। भगवान विश्वक्सेन वाहन पर विराजमान होकर राम मंदिर, बिष्टुपुर क्षेत्र का नगर भ्रमण करेंगे।25 जून : ध्वजारोहणम् एवं सूर्यप्रभा वाहन सेवाध्वजारोहणम् के साथ ब्रह्मोत्सवम का औपचारिक उद्घाटन होगा। कलश स्थापना, चक्रब्ज मंडल पूजा एवं बली दिग्बंधनम् जैसे अनुष्ठान आयोजित होंगे। भगवान सूर्यप्रभा वाहन पर सवार होकर बी.जी. विलास, आंध्र एसोसिएशन, रंकिनी मंदिर एवं कदमा क्षेत्र का भ्रमण करेंगे।26 जून : हंस वाहन सेवानित्य पूजा एवं अभिषेकम् के पश्चात भगवान हंस वाहन पर विराजमान होकर राम मंदिर, सोनारी तक शोभायात्रा निकालेंगे। श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा।27 जून : गरुड़ वाहन सेवाभगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी गरुड़ वाहन पर विराजमान होकर बालाजी मंदिर, सिदगोड़ा तक नगर भ्रमण करेंगे। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।28 जून : शेष वाहन सेवाशेष वाहन पर भगवान की दिव्य शोभायात्रा गौरी मंदिर, किटाडीह एवं आंध्रा बागबेड़ा क्षेत्र तक जाएगी। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा एवं आरती की जाएगी।29 जून : हनुमत वाहन सेवाभगवान हनुमत वाहन पर विराजमान होकर वैकुंठधाम एवं एडीएल सोसाइटी क्षेत्र तक नगर भ्रमण करेंगे। इस अवसर पर विशेष भजन एवं संकीर्तन का आयोजन होगा।30 जून : गज वाहन सेवाभगवान गज वाहन पर सवार होकर गणेश मंदिर, टेल्को क्षेत्र तक जाएंगे। भक्तगण पारंपरिक स्वागत एवं पूजा-अर्चना करेंगे।1 जुलाई : भव्य रथोत्सवब्रह्मोत्सवम का सबसे बड़ा आकर्षण रथोत्सव होगा। प्रातः 6 बजे भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी की रथयात्रा आंध्र भक्त श्री राम मंदिर से प्रारंभ होकर मुख्य डाकघर, बिष्टुपुर तक जाएगी। सायं 6 बजे मुख्य डाकघर से रथ पुनः मंदिर की ओर प्रस्थान करेगा। हजारों श्रद्धालु रस्सियों से रथ खींचेंगे और पूरा क्षेत्र “गोविंदा… गोविंदा…” के जयघोष से गूंज उठेगा।2 जुलाई : अश्व वाहन सेवाभगवान अश्व वाहन पर विराजमान होकर साईं मंदिर, बारीडीह क्षेत्र तक नगर भ्रमण करेंगे। श्रद्धालुओं को दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा।3 जुलाई : चंद्रप्रभा वाहन सेवाभगवान चंद्रप्रभा वाहन पर सवार होकर जुगसलाई क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। इस दौरान विशेष दीप सज्जा एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।4 जुलाई : पुष्प यागम् एवं पुष्पक वाहन सेवाइस दिन द्वादश आराधना, पुष्प यागम्, यागशाला पूजा, पूर्णाहुति, उत्सवम्, ध्वज अवरोहणम् एवं महाकुंभाभिषेकम् जैसे महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान होंगे। शाम को भगवान पुष्पक वाहन पर आंध्रा क्लब, टिनप्लेट एवं नोकालम्मा मंदिर, बारीडीह क्षेत्र तक नगर भ्रमण करेंगे।5 जुलाई : श्री वेंकटेश्वर स्वामी कल्याण महोत्सवमहोत्सव का भव्य समापन भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी, श्रीदेवी एवं भूदेवी के दिव्य कल्याण महोत्सव के साथ होगा। प्रातः सताकाल अभिषेकम् तथा सायं 5:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दिव्य विवाहोत्सव आयोजित किया जाएगा। तिरुपति की परंपरा के अनुसार विशेष लड्डू प्रसादम् तैयार कर श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। कल्याण महोत्सव में शामिल सभी श्रद्धालुओं को अक्षत आशीर्वाद एवं प्रसाद प्रदान किया जाएगा।मंदिर समिति के अध्यक्ष बी डी गोपाल कृष्णा ने सभी जमशेदपुर वासियो से आग्रह किया है कि वे अपने परिवार सहित इस भव्य धार्मिक आयोजन में भाग लें और भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त करें। समिति का विश्वास है कि इन 12 दिनों में आंध्र भक्त श्री राम मंदिर परिसर तिरुपति धाम जैसा आध्यात्मिक वातावरण प्रस्तुत करेगा तथा पूरा बिष्टुपुर क्षेत्र “गोविंदा… गोविंदा…” के जयघोष से गुंजायमान रहेगा।
तिरुपति की तर्ज पर होगा 57वां ब्रह्मोत्सवम एवं श्री वेंकटेश्वर स्वामी कल्याण महोत्सव








