विधायक अनंत प्रताप देव ने किया उद्घाटन, जेल आईजी बोले- बंदियों के सुधार और पुनर्वास पर रहेगा विशेष फोकस
शुभम जायसवाल
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। श्री बंशीधर नगर अनुमंडल मुख्यालय के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण साबित हुआ। वर्षों से उद्घाटन की प्रतीक्षा कर रहे अत्याधुनिक श्री बंशीधर नगर के महदेईया स्थित उपकारा का विधिवत लोकार्पण स्थानीय विधायक अनंत प्रताप देव एवं जेल महानिरीक्षक (आईजी) सुदर्शन प्रसाद मंडल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा, एडीजे-1 संजय कुमार सिंह, एसडीओ प्रभाकर मिर्धा, एसडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर अतिथियों ने विधिवत पूजा अर्चना एवं नारियल फोड़कर शिलापट्ट का लोकार्पण किया। लोकार्पण के उपरांत अतिथियों ने जेल परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

वर्षों की प्रतीक्षा के बाद मिला उपकारा का लाभ
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक अनंत प्रताप देव ने कहा कि श्री बंशीधर नगर उपकारा अनुमंडल क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग थी। भवन निर्माण काफी पहले पूरा हो चुका था, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक कारणों से इसका संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था। उन्होंने बताया कि इस विषय को उन्होंने विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद सरकार और प्रशासन की पहल से उपकारा को चालू कराने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
उन्होंने कहा कि अब बंदियों को गढ़वा जेल ले जाने की बाध्यता कम होगी, जिससे पुलिस बल, समय और सरकारी संसाधनों की बचत होगी। साथ ही न्यायिक प्रक्रिया भी अधिक सुगम और प्रभावी बनेगी।
अंडरपास की समस्या पर भी उठाई आवाज
विधायक ने नगर ऊंटारी रेलवे अंडरपास में बरसात के दिनों में होने वाले जलजमाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पानी भरने से अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों और आम लोगों को भारी परेशानी होती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने की आवश्यकता है।

बंदियों के सुधार और परिवार से संवाद पर विशेष ध्यान : जेल आईजी
जेल महानिरीक्षक सुदर्शन प्रसाद मंडल ने कहा कि आधुनिक जेल केवल बंदियों को रखने का स्थान नहीं, बल्कि उनके सुधार, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का केंद्र है। उन्होंने बताया कि उपकारा में बंदियों के लिए बेहतर आवासीय व्यवस्था, स्वच्छ भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, पुस्तकालय, प्रशिक्षण केंद्र और मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि बंदियों के मानसिक एवं सामाजिक विकास के लिए विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। साथ ही बंदियों को उनके परिजनों से नियमित एवं व्यवस्थित मुलाकात की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पारिवारिक संबंध मजबूत बने रहें और उनके पुनर्वास में सहायता मिल सके।

अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है उपकारा
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि उपकारा का उद्घाटन विलंब से अवश्य हुआ है, लेकिन अब इसके शुरू होने से अनुमंडल की न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि उपकारा परिसर में प्रशिक्षण हॉल, पुस्तकालय, आधुनिक रसोईघर, सामुदायिक भवन, अस्पताल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि यह उपकारा राज्य के आधुनिक जेल परिसरों में शामिल है, जहां बंदियों के सुधार और पुनर्वास की दिशा में विशेष व्यवस्था की गई है।
बंदियों को मिलेगी कानूनी सहायता
एडीजे-1 संजय कुमार सिंह ने कहा कि न्यायालय की ओर से शीघ्र ही जेल परिसर में लीगल सेल की स्थापना की जाएगी। इसके माध्यम से बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी और आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें न्यायिक प्रक्रिया में सहूलियत मिलेगी।
13 एकड़ 75 डिसमिल में विकसित हुआ आधुनिक उपकारा
अधिकारियों के अनुसार श्री बंशीधर नगर उपकारा लगभग 13 एकड़ 75 डिसमिल भूमि में विकसित किया गया है। परिसर में बंदियों के लिए सुसज्जित बैरक, आधुनिक किचन, पांच वॉच टावर, सामुदायिक भवन, पुस्तकालय, अस्पताल, महिला एवं पुरुष बंदियों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्र तथा आधुनिक डाइनिंग हॉल की व्यवस्था की गई है। यह उपकारा क्षेत्र की न्यायिक एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
कार्यक्रम से पूर्व जेल आईजी के आगमन पर जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उद्घाटन समारोह में बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। उपकारा के उद्घाटन को लेकर पूरे अनुमंडल क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया।














