राशन, पेंशन, आवास, भूमि विवाद, मनरेगा भुगतान, रोजगार एवं वेतन समेत विभिन्न मामलों पर हुई सुनवाई
गढ़वा। आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी-अपनी समस्याओं एवं शिकायतों को उपायुक्त के समक्ष रखा।
उपायुक्त श्री मिश्रा ने सभी फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ एक-एक कर सुना तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को मामलों का शीघ्र, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करें।
जनसुनवाई के दौरान राशन कार्ड, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, प्रधानमंत्री एवं अंबेडकर आवास, मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन, मनरेगा भुगतान, बकाया वेतन सहित कई महत्वपूर्ण मामलों पर आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मनरेगा के बकाया भुगतान की लगाई गुहार
मझिआंव प्रखंड के भुसुआ गांव निवासी खालिद खान ने उपायुक्त को आवेदन देकर बताया कि उनके खेत में मनरेगा योजना के तहत वृक्षारोपण कार्य कराया गया था। उन्होंने बताया कि सभी पौधे आज भी सुरक्षित एवं जीवित हैं तथा इस कार्य में लगभग 3 लाख 73 हजार रुपये की लागत आई थी। विभाग द्वारा अब तक केवल 79 हजार रुपये का ही भुगतान किया गया है, जबकि शेष राशि का भुगतान लंबित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बकाया राशि दिलाने के बजाय संबंधित मुखिया के पति द्वारा भुगतान नहीं होने देने की धमकी दी जाती है तथा रिश्वत की मांग भी की जाती है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण पौधों की देखभाल एवं खाद-बीज की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई एवं भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कच्चे मकान में रह रहे आठ सदस्यीय परिवार ने मांगा अंबेडकर आवास
गढ़वा प्रखंड के कितासोती खुर्द गांव से पहुंचीं पार्वती कुंवर ने आवेदन देकर बताया कि उनका परिवार आज भी कच्चे एवं खपरैल मकान में रहने को विवश है। परिवार में कुल आठ सदस्य हैं और बरसात के दिनों में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि उनका नाम आवास प्लस सूची में भी शामिल नहीं है, जिसके कारण अब तक उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। उन्होंने उपायुक्त से अंबेडकर आवास उपलब्ध कराने की मांग की ताकि उनका परिवार सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण में रह सके। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत, कार्रवाई की मांग
रंका प्रखंड के गौरगाड़ा गांव निवासी श्यामनंदन प्रसाद ने अपनी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके स्वर्गीय नाना महराज साव द्वारा उन्हें बक्सीनामा के माध्यम से भूमि प्रदान की गई थी तथा उक्त भूमि का नामांतरण भी उनके नाम पर हो चुका है।
इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने एवं विरोध करने पर मारपीट और झगड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई अप्रिय घटना हो सकती है। उपायुक्त ने संबंधित एसडीओ को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
तीन माह से वेतन नहीं मिलने की शिकायत
भवनाथपुर प्रखंड के मकरी निवासी अमरेश कुमार ने जनसुनवाई में बताया कि वे वैदिक ज्ञान पब्लिक स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं, लेकिन पिछले तीन महीनों से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन वेतन देने से इनकार कर रहा है तथा नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने उपायुक्त से विद्यालय की जांच कराते हुए लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
नगर पंचायत में पुनर्नियोजन की लगाई गुहार
श्री बंशीधर नगर के नरही गांव निवासी भोला ठाकुर ने बताया कि वे वर्ष 2017 से श्री बंशीधर नगर पंचायत कार्यालय में अनुसेवक के पद पर कार्यरत थे और लगभग सात वर्षों तक पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से अपनी सेवाएं दीं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में नगर प्रबंधक के पदस्थापन के बाद उन्हें कथित रूप से षड्यंत्रपूर्वक सेवा से हटा दिया गया। इससे उनके समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है क्योंकि वे अत्यंत गरीब परिवार से आते हैं और आय का कोई अन्य साधन नहीं है। उन्होंने उपायुक्त से मानवीय आधार पर पुनः सेवा में योगदान देने की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने संबंधित एसडीओ को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
संवेदनशीलता एवं समयबद्ध निष्पादन पर दिया विशेष जोर
जनसुनवाई के दौरान जिले के अन्य क्षेत्रों से आए कई लोगों ने भी अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं। सभी मामलों में उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने सभी विभागीय पदाधिकारियों एवं कार्यालय प्रधानों को निर्देशित किया कि आमजन से प्राप्त शिकायतों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं तत्परता के साथ निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई शासन और जनता के बीच विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।










