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बिकताम पंचायत में पंचायत सचिव के खिलाफ ग्रामीणों का मोर्चा,डीसी से जांच और स्थानांतरण की मांग

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ग्रामसभा की अनदेखी, योजनाओं में अनियमितता और मनमानी का आरोप,ग्रामीणों ने आवेदन देकर कार्रवाई की उठाई मांग

गढ़वा/मेराल: मेराल प्रखंड के बिकताम पंचायत में कार्यरत पंचायत सचिव रेखा कुमारी के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पंचायत के दर्जनों ग्रामीणों ने उपायुक्त, गढ़वा को लिखित आवेदन सौंपकर पंचायत सचिव के कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें तत्काल किसी अन्य पंचायत में स्थानांतरित करने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव की कार्यशैली के कारण पंचायत में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक समय पर नहीं पहुंच रहा है और आम लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार पंचायत सचिव के आगे पीछे घूमना पड़ रहा है।

आवेदन में कहा गया है कि कुछ समय पहले तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी सतीश भगत ने पंचायत सचिव रेखा कुमारी का स्थानांतरण गेरुआ पंचायत में कर दिया था। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद तत्कालीन बीडीओ का तबादला हो गया। इसके बाद वर्तमान प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी के कार्यकाल में स्थानांतरण आदेश निरस्त कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद से पंचायत सचिव पहले से अधिक मनमाने तरीके से कार्य कर रही हैं।

ग्रामीणों ने आवेदन में आरोप लगाया है कि ग्रामसभा और पंचायत कार्यकारिणी की स्वीकृति के बिना कई विकास योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है और योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को समय पर नहीं दी जाती। प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं के लाभुकों के चयन में भी अनियमितता और पक्षपात बरतने का आरोप लगाया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि उनके आवेदन और शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं किया जाता। पंचायत सचिव का व्यवहार भी आम लोगों के प्रति सहयोगपूर्ण नहीं है, जिससे पंचायत में लगातार विवाद और असंतोष की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि इससे विकास कार्यों के साथ-साथ प्रशासन की छवि भी प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों ने उपायुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने तथा जनहित को देखते हुए पंचायत सचिव का शीघ्र स्थानांतरण करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और पंचायत में विकास कार्यों को गति मिलेगी।

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।