गढ़वा

सुशासन की अनूठी पहल: 9 किमी पैदल चलकर सुदूर गांव लेवाटांड पहुंचे बीडीओ, जनता चौपाल में ऑन-द-स्पॉट निपटाईं समस्याएं

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बरडीहा (गढ़वा) : ग्रामीणों की समस्याओं का गांव स्तर पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में बरडीहा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सह अंचल अधिकारी (सीओ) प्रवीण कुमार सिंह ने एक सराहनीय और अनूठी पहल की है। बुधवार सुबह करीब 9 बजे वे क्षेत्र की सुखनदी पंचायत के अत्यंत सुदूरवर्ती गांव लेवाटांड पहुंचे और जनता चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। पदभार ग्रहण करने के बाद से प्रतिदिन सुबह पैदल ही 9 किलोमीटर चलकर गांवों का भ्रमण करना और जनता चौपाल लगाना अब उनकी नियमित कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है।

वन भूमि विवाद का मौके पर ही निकाला समाधान

जनता चौपाल के दौरान स्थानीय आदिवासी परिवारों ने एक गंभीर समस्या उठाते हुए बताया कि लगभग 10 वर्ष पूर्व उन्हें भूमि का पट्टा आवंटित किया गया था, लेकिन जब वे उस जमीन पर खेती करने जाते हैं तो वन विभाग के कर्मियों द्वारा उन्हें रोक दिया जाता है। इसके अलावा भूमि बंदोबस्ती पर्चे की भूमि पर भी वन विभाग द्वारा रोक लगाए जाने की शिकायत ग्रामीणों ने की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ सह सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने मौके पर ही संबंधित फॉरेस्ट गार्ड को बुलाकर बातचीत की। फॉरेस्ट गार्ड ने स्पष्ट किया कि जमीन की सरकारी नापी होने के बाद विभाग को किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होगी। इस पर अंचल अधिकारी ने शीघ्र ही सरकारी नापी कराकर सीमा विवाद का स्थायी समाधान कराने का आश्वासन दिया।

पेंशन और सामाजिक सुरक्षा मामलों पर त्वरित निर्देश

चौपाल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़ी कई शिकायतें भी सामने आईं, जहां ग्रामीणों ने अपनी पेंशन बंद होने की जानकारी दी। अंचल अधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित लाभुकों के दस्तावेज मौके पर ही प्राप्त किए और पंचायत सहायक को निर्देश दिया कि इन दस्तावेजों को तुरंत कार्यालय में प्रस्तुत कर लंबित मामलों का निष्पादन कराएं।

मतदाता सूची पुनरीक्षण और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक

इस अवसर पर प्रवीण कुमार सिंह ने ग्रामीणों को मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) अभियान की महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा:

“जिन पात्र नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया है या फॉर्म भरने से कोई छूट गया है, वे तत्काल अपने बीएलओ (BLO) से संपर्क कर इस प्रक्रिया को पूरा करें।”

इसके साथ ही उन्होंने वन पट्टा प्राप्त करने की कानूनी प्रक्रिया और भूमि संबंधी अधिकारों के बारे में भी ग्रामीणों को विस्तार से जागरूक किया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

इस जनता चौपाल में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे:

  • उपप्रमुख सकेन्द्र पासवान
  • गोरख पासवान, वशिष्ठ पासवान
  • सुखनदी पंचायत के मुखिया व स्थानीय वार्ड सदस्य
  • बीएलओ (BLO)
  • जेएसएलपीएस (JSLPS) की दीदियां तथा बड़ी संख्या में महिला व पुरुष ग्रामीण।
    ग्रामीणों ने की सराहना:
    प्रशासन की इस संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारियों का स्वयं चलकर सुदूर गांवों तक आना और ऑन-द-स्पॉट समस्याओं का निवारण करना, गांवों तक वास्तविक सुशासन पहुंचाने की दिशा में एक बेहद प्रभावी कदम है।
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Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।