बालूमाथ में श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा
राजेश कुमार साव झारखंड वार्ता
बालूमाथ: आज आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर बालूमाथ में महाप्रभु श्री जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा धूमधाम और पारंपरिक श्रद्धा-उल्लास के साथ निकाली गई। इस पावन अवसर पर बालूमाथ के महावीर मंदिर से गाजे-बाजे और जयघोष के साथ रथ यात्रा की शुरुआत हुई। इस गरिमामयी रथ यात्रा में मुख्य रूप से जिला परिषद लातेहार की उपाध्यक्ष अनीता देवी अपने पति प्रवीण कुमार सिंह के साथ रथ खींचा और उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
रथ यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। भगवान के रथ को खींचने के लिए भक्तों में भारी उत्साह देखा गया। पूरा माहौल “जय जगन्नाथ” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
इस शुभ अवसर परउपस्थित अनीता देवी ने रथ यात्रा के गौरवशाली इतिहास और महत्व के बारे में बताया:
> “रथ यात्रा का इतिहास सदियों पुराना है, जिसकी जड़ें पौराणिक काल से जुड़ी हैं। मान्यता है कि आज ही के दिन भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र की इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें रथ पर बैठाकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं। यह यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक है, जहां जाति, पंथ और ऊंच-नीच का भेद मिटाकर हर वर्ग के लोग एक साथ मिलकर भगवान का रथ खींचते हैं। मौसी बाड़ी जाकर भगवान नौ दिनों तक विश्राम करते हैं, जो हमें अपने रिश्तेदारों और समाज से जुड़े रहने का संदेश देता है।”
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इस भव्य धार्मिक आयोजन के मौके पर बालूमाथ क्षेत्र के कई सम्मानित एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। रथ यात्रा को सफल बनाने और व्यवस्था संभालने में अखिलेश भोक्ता, गंगेश्वर यादव, मंत्री, संजय कुशवाहा, सत्य प्रकाश पांडे, बिट्टू सिंह, प्रवीण सिंह,वीरेंद्र गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, पंकज सिन्हा, शशि भूषण प्रसाद, निरंजन बैठा, मनोहर साव, विजय साव, अजीत कुमार, शशि भूषण, आशीष ओझा एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद व स्कूल संचालक अजीत ओझा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित थे।
सुरक्षा और व्यवस्था के बीच महाप्रभु का रथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ा। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा की l
