July 26, 2026

परमेश्वरी मेडिकल सेंटर, गढ़वा में दूरबीन विधि से लिवर की Hydatid Cyst के दो जटिल ऑपरेशन सफल

IMG-20260725-WA0021

गढ़वा:परमेश्वरी मेडिकल सेंटर, गढ़वा में आधुनिक सर्जरी के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई। अस्पताल में लिवर की Hydatid Cyst (हाइडेटिड सिस्ट) से पीड़ित दो मरीजों का सफल ऑपरेशन दूरबीन विधि (Laparoscopic Surgery) से वरिष्ठ *लैप्रोस्कोपिक एवं जनरल सर्जन डॉ. कुमार निशांत सिंह* के द्वारा सफलतापूर्वक किया गया।

Hydatid Cyst एक गंभीर परजीवी (Parasitic) रोग है, जो Echinococcus नामक टेपवर्म के संक्रमण से होता है। यह संक्रमण प्रायः संक्रमित कुत्तों तथा भेड़-बकरियों जैसे पशुओं के संपर्क में आने या उनके मल से दूषित भोजन एवं पानी के सेवन से फैलता है। इस बीमारी में लिवर के भीतर धीरे-धीरे पानी से भरी गांठ (सिस्ट) बनने लगती है। अधिकांश मामलों में यह सिस्ट लंबे समय तक बिना किसी लक्षण के बढ़ती रहती है, लेकिन आकार बढ़ने पर पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, सूजन, भूख कम लगना, उल्टी, बुखार या पीलिया जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

*डॉ. कुमार निशांत* सिंह ने बताया कि यदि समय पर उपचार न किया जाए तो सिस्ट फटने का खतरा रहता है, जिससे पेट के अंदर संक्रमण फैल सकता है तथा गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया (Anaphylactic Shock) जैसी जानलेवा स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। कुछ मामलों में पित्त नलिकाओं (Bile Duct) में रिसाव, फोड़ा (Abscess) बनना अथवा दोबारा संक्रमण होने जैसी जटिलताएं भी देखने को मिल सकती हैं। इसलिए ऐसे मरीजों का समय पर और विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा उपचार अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि दूरबीन विधि (Laparoscopic Surgery) से ऑपरेशन करने के कई लाभ हैं। इसमें शरीर पर बड़ा चीरा नहीं लगाना पड़ता, दर्द कम होता है, रक्तस्राव अपेक्षाकृत कम होता है, संक्रमण की संभावना कम रहती है, मरीज जल्दी चलने-फिरने लगता है तथा कम समय में अस्पताल से छुट्टी लेकर सामान्य जीवन में लौट सकता है।

इस प्रकार की सर्जरी अत्यंत चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। ऑपरेशन के दौरान सिस्ट का द्रव पेट में फैलने से बचाना, रक्तस्राव को नियंत्रित रखना तथा पित्त नलिकाओं की सुरक्षा करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इस तरह की सर्जरी के लिए अनुभवी सर्जन, आधुनिक लैप्रोस्कोपिक उपकरण, प्रशिक्षित ऑपरेशन थिएटर टीम तथा उन्नत एनेस्थीसिया सुविधा की आवश्यकता होती है।

इस जटिल ऑपरेशन में *एनेस्थीसिया कि विशेषज्ञ टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने ऑपरेशन के दौरान मरीजों को सुरक्षित बेहोशी प्रदान करने के साथ-साथ हृदय गति, रक्तचाप, श्वसन एवं अन्य महत्वपूर्ण जीवन रक्षक मानकों की लगातार निगरानी करते हुए सुरक्षित एनेस्थीसिया प्रबंधन सुनिश्चित किया। उनकी विशेषज्ञता के कारण ऑपरेशन सफलतापूर्वक एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न हुआ।

ऐसे ऑपरेशन के बाद मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए अस्पताल में पोस्ट-ऑपरेटिव मॉनिटरिंग, आईसीयू/एचडीयू सुविधा (आवश्यकता पड़ने पर), प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ, 24×7 आपातकालीन सेवा, आधुनिक पैथोलॉजी एवं रेडियोलॉजी जांच, रक्त की उपलब्धता तथा संक्रमण नियंत्रण की समुचित व्यवस्था का होना आवश्यक होता है। इन सुविधाओं के माध्यम से किसी भी संभावित जटिलता का समय रहते उपचार किया जा सकता है।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि परमेश्वरी मेडिकल सेंटर का उद्देश्य गढ़वा एवं आसपास के जिलों के लोगों को महानगरों जैसी आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि जटिल बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।

इस सफल सर्जरी से गढ़वा एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर उन्नत लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा मिलने का विश्वास और मजबूत हुआ है।

ख़बर को शेयर करें।

You may have missed