
गढ़वा।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री पशुपति नाथ मिश्रा ने बुधवार को क्षेत्र भ्रमण के दौरान मझिआँव प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागीय कार्यों, योजनाओं की प्रगति और जनसुविधाओं का जायजा लेते हुए लापरवाह कर्मियों पर कड़ा रुख अपनाया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
प्रखंड कार्यालय: उपस्थिति 100%, लेकिन PM आवास की धीमी रफ्तार पर जताई नाराजगी
प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय के निरीक्षण के दौरान सभी कर्मी उपस्थित पाए गए और एसआईआर (SIR) से संबंधित कार्यों की प्रगति संतोषजनक पाई गई। हालांकि, प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति देखकर उपायुक्त ने सख्त नाराजगी व्यक्त की।
- कारण बताओ नोटिस जारी: उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मझिआँव, श्रीमती कनक को निर्देश दिया कि वे प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रखंड समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त कर रिपोर्ट समर्पित करें।
- साइकिल वितरण के निर्देश: कल्याण विभाग द्वारा प्राप्त साइकिलों को पात्र लाभुकों के बीच अविलंब वितरित करने का आदेश दिया।
- सफाई व्यवस्था: कार्यालय परिसर में नियमित साफ-सफाई और बेहतर स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने की ताकीद की।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र: कई कर्मी मिले अनुपस्थित, अस्पताल में भर्ती मरीजों से लिया फीडबैक

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मझिआँव के निरीक्षण में कई स्वास्थ्यकर्मी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए DC ने नाराजगी जताई।
- अनुपस्थित कर्मियों पर गाज: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गोविन्द सेठ को निर्देश दिया गया कि वे सभी अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए विस्तृत रिपोर्ट सौंपें।
- मरीजों से सीधा संवाद: उपायुक्त ने अस्पताल के वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों से बात की। उन्होंने मरीजों से इलाज, दवाइयों की उपलब्धता, मुफ्त जांच और खान-पान की सुविधाओं का सीधे फीडबैक लिया।
- सदर अस्पताल दौरा: क्षेत्र भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने सदर अस्पताल में भर्ती कामेश्वर परहिया से भी मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
“सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लाभुकों तक पहुंचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। सरकारी कार्यालयों व अस्पतालों में कर्मियों की अनुपस्थिति, काम में ढिलाई या जनसुविधाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
— श्री पशुपति नाथ मिश्रा, उपायुक्त, गढ़वा




