
झारखंड वार्ता संवाददाता
केतार (गढ़वा)। प्रखंड क्षेत्र के परसोडीह गांव में 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से एक जंगली नीलगाय की मौत हो गई। यह घटना गांव के दक्षिणी हिस्से में रामप्रवेश गुप्ता के खेत के पास हुई। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि खेत के ऊपर से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का बिजली तार लंबे समय से काफी नीचे झूल रहा है। इसकी वजह से खेतों में काम करने वाले किसानों और राहगीरों की जान हमेशा जोखिम में रहती है। उनका कहना है कि जिस तरह करंट लगने से नीलगाय की मौत हुई है, उसी तरह कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खेत मालिक रामप्रवेश गुप्ता ने नीचे लटके बिजली तार को ठीक कराने के लिए कई बार बिजली विभाग को आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने विभाग से अविलंब तार को निर्धारित ऊंचाई पर कराने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के फॉरेस्टर ओमप्रकाश उरांव मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद वन विभाग की देखरेख में मृत नीलगाय को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर नीचे झूल रहे बिजली तार को दुरुस्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।







