
रांची:झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच रविवार को तीसरे दौर की बातचीत करीब साढ़े पांच घंटे चली, लेकिन बैठक के बाद भी विवाद का समाधान नहीं हो सका। दोनों पक्ष अपनी-अपनी प्रमुख मांगों और शर्तों पर कायम हैं।
लंबी वार्ता के बावजूद सहमति का रास्ता नहीं निकलने के बाद आंदोलनरत छात्रों ने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है। छात्रों ने साफ कर दिया है कि पहले से तय कार्यक्रम के तहत सोमवार को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
CGL पर सरकार का रुख साफ, परीक्षा रद्द करने से इनकार
बैठक में सबसे बड़ा गतिरोध JSSC CGL परीक्षा को लेकर रहा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल परीक्षा रद्द करने का सवाल नहीं है। सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
हालांकि, छात्रों को सरकार ने यह भरोसा दिलाया कि CGL परीक्षा में सामने आई कथित गड़बड़ियों की न्यायिक जांच कराई जाएगी। छात्रों की ओर से इस प्रस्ताव को पर्याप्त नहीं माना गया और वे परीक्षा रद्द करने की मांग पर कायम रहे।
14वीं JPSC को लेकर बनी सहमति की स्थिति
वार्ता के दौरान 14वीं JPSC परीक्षा को लेकर सरकार और छात्रों के बीच अपेक्षाकृत सकारात्मक स्थिति सामने आई। सूत्रों के मुताबिक, इस परीक्षा को रद्द करने के मुद्दे पर दोनों पक्षों में सहमति बनती दिखाई दी है।
यही बिंदु बैठक में सरकार और छात्रों के बीच सहमति का प्रमुख आधार बना, लेकिन CGL और जांच एजेंसी को लेकर मतभेद दूर नहीं हो सके।
CID जांच 90 दिनों में पूरी करने का भरोसा
सरकार ने परीक्षा विवाद की जांच को लेकर भी कई आश्वासन दिए। बताया गया कि CID की जांच को 90 दिनों के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा मामले में सामने आए आर्थिक पहलुओं की जांच ED से कराने की बात भी रखी गई।
TDPL नामक आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने की जानकारी भी छात्रों को दी गई।
लेकिन छात्रों की सबसे बड़ी मांग पर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सहमति नहीं बन सकी। छात्र पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग लगातार उठा रहे हैं।
अभय तिवारी की भूमिका की जांच भी प्रमुख मुद्दा
आंदोलनकारी छात्रों ने कथित परीक्षा धांधली में अभय तिवारी की भूमिका की गहन जांच की मांग दोहराई है। छात्रों का कहना है कि जिन परीक्षाओं में उनकी कथित संलिप्तता सामने आती है, उनकी भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके साथ ही JPSC और JSSC की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू करने की मांग भी आंदोलन का अहम हिस्सा बनी हुई है।
बैठक की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी सरकार
वार्ता समाप्त होने के बाद शिक्षा मंत्री एवं झामुमो विधायक सुदीव्य कुमार सोनू ने कहा कि बैठक में किन मुद्दों पर सहमति बनी और किन बिंदुओं पर मतभेद कायम रहे, इसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दी जाएगी।
उधर, आंदोलनकारी छात्र भी बैठक के बाद अपनी अगली रणनीति को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। माना जा रहा है कि इसमें आंदोलन के अगले चरण का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।
अब सोमवार पर टिकी नजर
तीसरे दौर की वार्ता विफल रहने के बाद आंदोलन का रुख और आक्रामक होता दिख रहा है। छात्रों ने अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया है और सोमवार को विधानसभा घेराव के अपने कार्यक्रम पर कायम हैं।
ऐसे में अब सबकी नजर सोमवार को होने वाले विधानसभा घेराव और सरकार की अगली रणनीति पर है। JSSC CGL को लेकर सरकार का सख्त रुख और CBI जांच की छात्रों की मांग के बीच गतिरोध बरकरार है।




