
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और विधानसभा घेराव के लिए मार्च कर रहे हैं।
एल. खियांग्ते पहले झारखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के पद पर थे। 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद सामने आने के बाद CID ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के क्रम में जुलाई में JPSC कार्यालय समेत खियांग्ते के आवास और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर तलाशी भी ली गई थी। इस दौरान जांच टीम ने दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की थी।
कई घंटे हुई थी पूछताछ
जांच आगे बढ़ने के साथ CID ने पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते से कई दौर में पूछताछ की। उनसे परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र की प्रक्रिया, परीक्षा परिणाम तैयार करने और परीक्षा संचालन के लिए आउटसोर्स एजेंसी के चयन से जुड़े मामलों पर सवाल किए गए थे। जुलाई के अंत में उनसे लंबी पूछताछ किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी।
इससे पहले CID ने उनके पासपोर्ट को भी जब्त किया था और विदेश यात्रा से जुड़े खर्चों का विवरण मांगे जाने की खबर सामने आई थी। जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु परीक्षा संचालन के लिए TDPL कंपनी को जिम्मेदारी दिए जाने की प्रक्रिया भी रही है।
मामले में पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के दौरान CID पहले ही कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें JPSC की तत्कालीन डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन श्वेता गुप्ता, TDPL के निदेशक रामवीर सिंह सहित अन्य आरोपी शामिल हैं। जुलाई के अंत तक इस मामले में गिरफ्तारियों की संख्या 10 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी।
छात्रों के आंदोलन के बीच बड़ी कार्रवाई
एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी ऐसे वक्त हुई है जब JPSC-JSSC अभ्यर्थी रांची में अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी को JPSC परीक्षा अनियमितता मामले की जांच में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। अब जांच एजेंसी की कार्रवाई और पूछताछ के आधार पर इस मामले में आगे और क्या खुलासे होते हैं, इस पर सभी की नजर है।
हालांकि, एल. खियांग्ते के खिलाफ लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।





