
रांची। झारखंड में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (JSSC/JPSC) में पारदर्शिता, समय पर बहाली और धांधली के विरोध में छात्रों का ऐतिहासिक व उग्र प्रदर्शन देखने को मिला। अपनी मांगों को लेकर ‘विधानसभा घेराव’ करने निकले हजारों छात्रों के हुजूम ने प्रशासन द्वारा लगाए गए सभी सुरक्षा घेरों को ध्वस्त कर दिया। जब छात्र सभी बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा के बिल्कुल करीब पहुंच गए, तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर ताबड़तोड़ लाठीचार्ज किया।
प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मुख्य बिंदु:
* त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग टूटी: पुलिस प्रशासन ने विधानसभा की सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर मजबूत बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, आक्रोशित छात्रों के भारी हुजूम के आगे सुरक्षा इंतजाम धरे के धरे रह गए और छात्र एक-एक कर सभी बैरिकेड्स तोड़ते हुए आगे बढ़ गए।
* लाठीचार्ज और वाटर कैनन का प्रयोग: छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले पानी की बौछारें (वाटर कैनन) छोड़ीं। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई।
* कई छात्र-छात्रायें घायल: पुलिस की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी छात्र चोटिल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया है।
* छात्रों की प्रमुख मांगें: आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि वर्षों से मेहनत करने के बावजूद पेपर लीक और लेट-लतीफी के कारण युवाओं का भविष्य अंधकार में लटका है। उनकी मांग है कि निष्पक्ष जांच हो, पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं आयोजित की जाएं और समय पर परिणाम घोषित कर नियुक्तियां दी जाएं।
विधानसभा परिसर और आसपास के पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया है। छात्र नेताओं ने पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अपने आंदोलन को आगे और उग्र करने की चेतावनी दी है।





