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रांची:झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। मुख्यमंत्री आवास के बाहर BJP विधायकों के प्रदर्शन को लेकर अब राज्य सरकार के मंत्री इरफान अंसारी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस प्रदर्शन को महज राजनीतिक विरोध मानने से इनकार करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सुरक्षा से जोड़ते हुए इसे बेहद चिंताजनक घटना बताया।
मंत्री इरफान अंसारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि “कल हमारे मुख्यमंत्री बाल-बाल बचे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि जिस वक्त विधानसभा के भीतर सदन की कार्यवाही चल रही थी, उसी दौरान BJP के विधायकों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंचकर घेराव और धरना दिया।
‘अगर कोई अंदर घुस जाता तो?’
इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने परिवार के साथ रहते हैं और ऐसे में आवास के बाहर अचानक इस तरह का प्रदर्शन सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर प्रदर्शन के दौरान कोई व्यक्ति सुरक्षा घेरा तोड़कर या दीवार पार कर मुख्यमंत्री आवास के अंदर पहुंच जाता और कोई अप्रिय घटना हो जाती, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती?
मंत्री ने इसी आधार पर पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच किए जाने की मांग की।
JPSC-JSSC विवाद के बीच बढ़ी सियासी गर्मी
दरअसल, JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन लगातार चर्चा में है। आंदोलनकारी छात्रों की मांगों को लेकर विपक्ष सरकार पर दबाव बना रहा है। इसी क्रम में BJP विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किए जाने के बाद अब सत्ता पक्ष की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के नाम पर जिस तरह मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया गया, उसके पीछे की मंशा की भी जांच होनी चाहिए।
‘कौन था प्रदर्शन के पीछे?’
मंत्री ने प्रशासन और जांच एजेंसियों से पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह पता लगाया जाना जरूरी है कि मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की स्थिति क्यों बनी और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका थी।
इरफान अंसारी के इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ JPSC-JSSC मामले को लेकर छात्र आंदोलन सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री आवास के घेराव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
हालांकि, मुख्यमंत्री की हत्या की साजिश का आरोप मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। अब देखने वाली बात होगी कि BJP इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया देती है और प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम की जांच को लेकर क्या कदम उठाता है।





