
नई दिल्ली: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने करीब डेढ़ घंटे के संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के संकल्प के साथ युवाओं, शिक्षा, रोजगार, तकनीक, महिला सशक्तिकरण, ऊर्जा, स्टार्टअप और नक्सलवाद समेत कई अहम मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। पीएम मोदी ने युवाओं को लेकर कई बड़े ऐलान भी किए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं की क्षमता को राष्ट्र निर्माण में पूरी तरह इस्तेमाल करने के लिए सरकार नए अवसर तैयार कर रही है। उन्होंने ऐलान किया कि अगले एक साल में देश के एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की स्किल्स में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना और उन्हें AI के क्षेत्र में नेतृत्व करने योग्य बनाना है।
परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
पीएम मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं के सपनों और उनकी मेहनत के अनुरूप उन्हें बेहतर अवसर मिलना जरूरी है।
5 से 15 साल के बच्चों के लिए स्पोर्ट्स टैलेंट हंट
प्रधानमंत्री ने खेल प्रतिभाओं को शुरुआती उम्र में पहचानने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि गांवों और शहरों में 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़े विस्तार का दावा
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के बाद देश में करीब 650 नए विश्वविद्यालय बने हैं। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 350 से कम थी, जबकि आज यह संख्या करीब 1,000 तक पहुंच गई है।
मेडिकल शिक्षा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश में करीब 400 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब लगभग 850 हो गई है। उन्होंने कहा कि मेडिकल सीटों की संख्या भी दोगुनी हुई है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विदेशी विश्वविद्यालय भारत आ रहे हैं और ऐसी व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से भारतीय युवा देश में रहते हुए विदेशी विश्वविद्यालयों से डिग्री हासिल कर सकेंगे।
10 हजार से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब
पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों को कम उम्र से ही तकनीक और नवाचार से जोड़ने के लिए देशभर में 10,000 से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब बनाई गई हैं। इनका उद्देश्य बच्चों में इनोवेशन, वैज्ञानिक सोच और टेक्नोलॉजी के प्रति रुचि विकसित करना है।
उन्होंने स्टार्टअप इंडिया का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत में युवा उद्यमी नए क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, देश में अब 2.5 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप हैं। उन्होंने कहा कि करीब 28 वर्ष की औसत उम्र वाले युवा उद्यमियों ने सैटेलाइट और रॉकेट लॉन्च कर नई उपलब्धियां हासिल की हैं।
सौर ऊर्जा में भारत की बड़ी छलांग
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में भारत की प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले देश की सोलर एनर्जी क्षमता सिर्फ 2 गीगावाट थी, जबकि अब यह 160 गीगावाट के लक्ष्य तक पहुंच चुकी है।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया है कि सौर ऊर्जा का लाभ आम परिवारों और मध्यम वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का जिक्र करते हुए कहा कि देश में 50 लाख घरों ने सोलर एनर्जी अपनाने का माइलस्टोन पार कर लिया है और यह अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।
नक्सलवाद पर पीएम मोदी का सख्त संदेश
नक्सलवाद और माओवादी हिंसा पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में नक्सली हिंसा अब कमजोर पड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास और विकास का तिरंगा लहरा रहा है, लेकिन इस चुनौती को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
पीएम मोदी ने कहा कि हथियार उठाने वाले नक्सलवाद को काफी हद तक खत्म किया गया है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सल’ को पहचानने और अलग-थलग करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व अवसर की तलाश में रहते हैं, इसलिए देश को सतर्क रहना होगा।
महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण लागू करने की अपील
प्रधानमंत्री ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की दिशा में आगे बढ़ें। पीएम मोदी ने कहा कि महिलाओं को देश की नीतियां बनाने में अधिक भूमिका मिलनी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण को लागू करने की दिशा में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि यह समय की मांग है और महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए।
‘सप्त धारा’ के जरिए तेज विकास का संकल्प
लाल किले से प्रधानमंत्री ने देश की विकास यात्रा को गति देने के लिए ‘ताकत की सप्त धारा’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 से 7 वर्षों में वह काम पूरा करने का प्रयास किया जाएगा, जो पिछले 5 से 7 दशकों में नहीं हो सका। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों के जरिए भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, विकास की गति तेज करने और नए लक्ष्यों को हासिल करने की क्षमता पैदा की जाएगी। उन्होंने युवाओं की शक्ति को राष्ट्र निर्माण में इस्तेमाल करने पर विशेष जोर दिया।
2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब देश को ‘विकसित भारत’ बनाने का संकल्प साकार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की मेहनत और सामूहिक प्रयासों से इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश जब विकसित बनने का संकल्प लेता है, तो यह पूरी दुनिया के सामने भारत के आत्मविश्वास, सामर्थ्य और साहस को प्रदर्शित करता है।







