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रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले चल रहा आंदोलन रविवार को 23वें दिन भी जारी रहा। रांची में बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध मार्च निकाला और फिरायालाल चौक पर पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
रविवार शाम हुए प्रदर्शन में छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के पुतले भी जलाए। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और सरकार के रवैये को लेकर जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक ठोस और निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई है।
आंदोलनकारी छात्रों ने राज्य सरकार को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। छात्रों का कहना है कि यदि तय समय सीमा के भीतर उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई, तो 20 अगस्त को झारखंड के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि 20 अगस्त का प्रदर्शन आंदोलन की अगली बड़ी कड़ी होगा। उनका कहना है कि सरकार को लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देना होगा।
आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का हाल जानने के लिए रविवार को एसडीओ और एडीएम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की स्थिति की जानकारी ली, हालांकि इस दौरान सरकार और आंदोलनकारियों के बीच औपचारिक वार्ता नहीं हो सकी।
वहीं, अब राज्य सरकार की ओर से छात्रों से बातचीत की पहल किए जाने की बात सामने आई है। एसडीएम के मुताबिक, छात्रों को सोमवार, 17 अगस्त को बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है। बताया गया है कि दोपहर दो बजे छात्रों की राज्य सरकार के विधि सलाहकार के साथ बातचीत होगी।
छात्रों के आंदोलन को अब उनके परिजनों का भी समर्थन मिलने लगा है। कई अभिभावक प्रदर्शन में छात्रों के साथ नजर आ रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है, इसलिए जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों ने कहा कि सरकार की ओर से यदि सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। आंदोलनकारियों का आरोप है कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार छात्रों की समस्याओं पर ठोस कार्रवाई करने में विफल रही है। छात्रों ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सरकार को अभ्यर्थियों की शिकायतों का समाधान करना चाहिए।





