
अंजिता भट्टाचार्य झारखंड मुक्ति मोर्चा केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित धांधली और भर्ती अनियमितता मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने JPSC की पूर्व सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य के निजी सचिव (PA) बीएन राम को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बीएन राम ने अभ्यर्थियों का इंटरव्यू मैनेज कराने के नाम पर करीब 40 लाख रुपये की वसूली की थी।
CID की जांच में परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, पैसे के लेन-देन और इंटरव्यू प्रभावित करने से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है। बीएन राम की गिरफ्तारी को जांच एजेंसी की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। इसके साथ ही इस मामले में CID की गिरफ्तारियों की संख्या 22 तक पहुंच गई है।
इंटरव्यू मैनेज करने के नाम पर वसूली का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, बीएन राम पर अभ्यर्थियों से संपर्क कर JPSC के इंटरव्यू में मदद और उसे मैनेज कराने का भरोसा देकर करीब 40 लाख रुपये लेने का आरोप है। CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित लेन-देन में और कौन-कौन लोग शामिल थे और रकम किस-किस तक पहुंची।
पूर्व JPSC सदस्यों से भी हो चुकी है पूछताछ
JPSC भर्ती अनियमितता मामले की जांच के दौरान आयोग के कई अधिकारियों और सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। जांच और पूछताछ के बाद JPSC की तीन सदस्यों डॉ. अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमील अहमद ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
डॉ. अजिता भट्टाचार्य झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं। ऐसे में उनके PA की गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा तेज कर दी है।
पूर्व अध्यक्ष समेत कई लोगों पर कार्रवाई
JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में CID पहले ही आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत परीक्षा से जुड़े कई अधिकारियों और कथित सॉल्वर गैंग से जुड़े संदिग्धों से पूछताछ और गिरफ्तारी कर चुकी है।
CID अब बीएन राम से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित तौर पर इंटरव्यू मैनेज कराने का नेटवर्क किस तरह काम करता था और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका थी। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।




