
रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 17 अगस्त को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में लिए गए निर्णयों से संबंधित अधिसूचनाएं सरकार ने 18 अगस्त की देर रात जारी कर दीं। सरकार की ओर से कुल आठ अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं।
अधिसूचना के मुताबिक, राज्य सरकार ने कुल 21 परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। इनमें JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा समेत CDPO की परीक्षा भी शामिल है। इसके अलावा 6 परीक्षाओं को स्थगित किया गया है, जबकि 17 परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं की CID जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं में TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित कराई गई विभिन्न परीक्षाओं का उल्लेख किया गया है। इन परीक्षाओं को सरकार ने रद्द करने का निर्णय लिया है। खास बात यह है कि सरकार ने केवल TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। ऐसे परीक्षा परिणाम भी रद्द किए गए हैं, जिनकी प्रारंभिक प्रक्रिया TDPL के बजाय किसी दूसरी एजेंसी के माध्यम से पूरी हुई थी।
सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों पर असर पड़ने की संभावना है। लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और पारदर्शिता को लेकर छात्र संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे थे।
ये परीक्षाएं हुईं रद्द
सरकार ने JSSC CGL परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला लिया है। अधिसूचना में कहा गया है कि CGL परीक्षा में अनियमितता की शिकायतों के बाद गठित SIT की जांच तथा वर्तमान में JPSC में सामने आई अनियमितताओं को लेकर CID द्वारा की जा रही जांच के दौरान सरकार के समक्ष रखे गए तथ्यों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
यानी सरकार ने जांच में सामने आए तथ्यों और परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों को गंभीरता से लेते हुए CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है।
इसके अलावा झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा की वर्ष 2023 और 2025 की रेगुलर एवं बैकलॉग परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया गया है। वहीं, पूर्व में आयोजित 5वीं संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा के वर्ष 2013, 2016 और 2021 से संबंधित परीक्षाएं भी रद्द करने का फैसला लिया गया है। सिविल जज जूनियर डिवीजन की 2015, 2018 और 2023 की परीक्षाएं भी अब रद्द कर दी गई हैं। इसके साथ ही 6वीं लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर परीक्षा और वर्ष 2023 की चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (CDPO) परीक्षा को भी निरस्त किया गया है।
सरकार ने विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति, सरकारी इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों में लेक्चरर की नियुक्ति से संबंधित परीक्षाओं को भी रद्द करने का निर्णय लिया है। झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (JET) 2024 भी इसकी सूची में शामिल है। इसके अलावा असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट 2024, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, असिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर, ड्रग इंस्पेक्टर और फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों से जुड़ी परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं।
सरकार ने स्थगित की ये परीक्षाएं
खाद्य विश्लेषक (फूड एनालिस्ट) भर्ती
उप निदेशक, अभियोजन भर्ती
प्रोजेक्ट मैनेजर एवं समकक्ष पद भर्ती
फैक्ट्री निरीक्षक (इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज) भर्ती
बॉयलर निरीक्षक भर्ती
निदेशक भर्ती
इन परीक्षाओं की होगी CID जांच
5वीं संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भर्ती परीक्षा
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) विशेष भर्ती परीक्षा
मृदा संरक्षण पदाधिकारी भर्ती परीक्षा
सहायक निदेशक कृषि/अनुमंडल कृषि पदाधिकारी एवं समकक्ष भर्ती परीक्षा
सहायक निदेशक कृषि/अनुमंडल कृषि पदाधिकारी एवं समकक्ष (बैकलॉग) भर्ती परीक्षा
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी भर्ती परीक्षा
दंत चिकित्सक (बेसिक कैडर) भर्ती परीक्षा
संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा (बैकलॉग)
वाणिज्यिक कर (सीमित) परीक्षा
संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा-2016
निदेशालय भू-विज्ञान के अंतर्गत भू-वैज्ञानिक एवं रसायनज्ञ भर्ती (नियमित)
सहायक लोक अभियोजक भर्ती परीक्षा
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) नियमित भर्ती परीक्षा
संयुक्त सहायक अभियंता भर्ती (नियमित)
संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2021
डेंटल डॉक्टर भर्ती (नियमित)
परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर दर्ज मामलों की सुनवाई जल्द पूरी कराने की दिशा में भी सरकार ने कदम उठाया है। अधिसूचना के अनुसार, JPSC और JSSC की परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का प्रस्ताव है। इसके लिए झारखंड हाई कोर्ट से आग्रह किया जाएगा।
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी मजबूत करने के लिए JPSC और JSSC में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ गठित करने का भी फैसला लिया है। इसके जरिए आयोगों की परीक्षा प्रक्रिया और उससे जुड़े कामकाज की आंतरिक स्तर पर निगरानी की जाएगी।
इसके साथ ही दोनों आयोगों में सुधार के लिए एक अलग कमेटी का गठन किया जाएगा। IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में यह कमेटी गठित होगी। कमेटी का उद्देश्य दोनों आयोगों की कार्यप्रणाली में जरूरी सुधारों को लेकर सुझाव देना और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम करना होगा।




