
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन करने के दौरान हुए बवाल के बाद रांची पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोतवाली थाना में तीन अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। इन मामलों में 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि 200 से अधिक अज्ञात लोगों को भी अभियुक्त बनाया गया है।
जानकारी के अनुसार, 21 अगस्त को अल्बर्ट एक्का चौक के पास JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन करने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।
रांची सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि दर्ज की गई तीनों FIR में से एक प्रशासनिक अधिकारी (मजिस्ट्रेट) की शिकायत पर दर्ज की गई है, जबकि दो अन्य शिकायतें अलग-अलग व्यक्तियों की ओर से दी गई हैं। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति कार्यक्रम किया, सरकारी कार्य में बाधा डाली और निर्धारित रूट चार्ट का उल्लंघन किया।
पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के कई पदाधिकारियों और सक्रिय सदस्यों को नामजद किया गया है। इनमें कुणाल प्रताप सिंह, पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र पासवान, चांदी तिवारी, चित्तरंजन कुमार, सौरव, वीरेंद्र प्रताप और सुमित शर्मा समेत कुल 14 लोगों के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। साथ ही मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। जांच के आधार पर आगे और लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच और छात्र नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने का प्रयास बताया है। मंच का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में सुधार और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। इस पूरे मामले ने राज्य की राजनीति और छात्र आंदोलनों के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है।





