
गढ़वा: जिले के केतार थाना क्षेत्र के पाचाडुमर गांव स्थित आदिवासी बहुल धंगरडीहा टोला में शनिवार को तेज बुखार से जूझ रहे दो बच्चों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 7 वर्षीय गोलू कुमार और 10 वर्षीय सोनू कुमार के रूप में हुई है। दोनों बुद्धि नारायण चेरो के पुत्र थे। घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल है। परिवार के चार अन्य सदस्य भी बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
परिजनों के अनुसार, गोलू और सोनू पिछले करीब दो दिनों से तेज बुखार से जूझ रहे थे। आर्थिक तंगी के कारण समय पर दोनों का समुचित इलाज नहीं हो सका। शनिवार सुबह अचानक दोनों बच्चों की हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए केतार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही एक बच्चे ने दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरे बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए भवनाथपुर स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर भवनाथपुर के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई।
परिवार के अन्य सदस्य भी बीमार
बताया गया कि मृत बच्चों के पिता बुद्धि नारायण चेरो, उनकी पत्नी और बेटी समेत परिवार के चार सदस्य भी तेज बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित परिवार के सदस्यों का इलाज कराया जा रहा है। बीमार लोगों को भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी
दो बच्चों की मौत की सूचना मिलने के बाद केतार थाना प्रभारी अरुण कुमार रवानी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत के बाद ग्रामीणों में भी चिंता है।
बच्चों की मौत की वजह तेज बुखार बताई जा रही है। हालांकि, बुखार के पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसे लेकर स्वास्थ्य जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






