
रांची: केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को रांची स्थित उपायुक्त कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और झारखंड के खनिज राजस्व में राज्य के हिस्से को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना था कि झारखंड देश के प्रमुख खनिज संपदा वाले राज्यों में शामिल है। यहां से कोयला, लौह अयस्क समेत कई महत्वपूर्ण खनिजों का बड़े पैमाने पर दोहन होता है। खनिज संसाधनों से मिलने वाला राजस्व राज्य की आर्थिक व्यवस्था के साथ-साथ विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण झारखंड को उसके खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व में अपेक्षित हिस्सेदारी प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि यदि राज्य को मिलने वाले राजस्व का भुगतान रोका जाता है या उसमें कटौती होती है, तो इसका सीधा असर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य विकास योजनाओं पर पड़ सकता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से झारखंड के हितों को ध्यान में रखते हुए खनिज राजस्व से जुड़े मामलों का उचित समाधान करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर राज्य के लोगों का भी अधिकार है और इससे प्राप्त होने वाले राजस्व का इस्तेमाल राज्य के विकास एवं आम जनता के कल्याण में होना चाहिए।
डीसी कार्यालय घेराव को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और राज्य के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने की बात कही।




