
धनबाद: वासेपुर के फरार कुख्यात अपराधी प्रिंस खान से जुड़े आपराधिक नेटवर्क और कथित आतंकी संपर्कों की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तेज कर दी है। इसी सिलसिले में NIA की टीम गुरुवार को धनबाद पहुंची। टीम ने जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर प्रिंस खान से जुड़े आपराधिक मामलों, उसके सहयोगियों और नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई।
जांच एजेंसी का मुख्य फोकस प्रिंस खान के विदेश में रहने के दौरान बने कथित संपर्कों और उसके संभावित पाकिस्तान कनेक्शन पर बताया जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि विदेश में रहते हुए प्रिंस खान किन लोगों के संपर्क में था और क्या इन संपर्कों का उसके आपराधिक नेटवर्क से कोई संबंध था।
सूत्रों के अनुसार, प्रिंस खान दुबई में रहने के दौरान अपनी पत्नी और भाई के साथ था। इसी अवधि में उसके एक पाकिस्तानी महिला और उसके जीजा (तौकिर बलोच) के संपर्क में आने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी अब इन कथित संपर्कों की प्रकृति और उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।
दावा यह भी किया जा रहा है कि तौकिर बलोच के माध्यम से प्रिंस खान की पहुंच पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों तक हुई थी। हालांकि, इन दावों की अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। NIA अपने स्तर पर उपलब्ध सूचनाओं, संपर्कों और अन्य साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रिंस खान के कथित विदेशी संपर्क महज व्यक्तिगत या आपराधिक गतिविधियों तक सीमित थे या उनका किसी आतंकी नेटवर्क से भी संबंध था। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, यदि जांच में प्रिंस खान के आतंकी संगठनों या उनके नेटवर्क से संबंध के पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं, तो उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, फिलहाल इसे जांच का विषय माना जा रहा है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
धनबाद पहुंची NIA की टीम प्रिंस खान के खिलाफ धनबाद समेत झारखंड के अलग-अलग जिलों में दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी भी जुटा रही है। एजेंसी उसके खिलाफ दर्ज मामलों, आपराधिक गतिविधियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में पुलिस रिकॉर्ड खंगाल रही है।
जांच के दौरान वासेपुर में प्रिंस खान से कथित तौर पर जुड़े गुर्गों, सहयोगियों और अन्य संदिग्ध संपर्कों पर भी फोकस किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर उसके नेटवर्क को मजबूत करने वाले लोगों और उसकी गतिविधियों में कथित रूप से सहयोग करने वालों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
NIA की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि विदेश में रहने के दौरान प्रिंस खान ने अपने आपराधिक नेटवर्क को किस तरह संचालित किया। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि उसके निर्देश स्थानीय स्तर पर किन लोगों तक पहुंचते थे और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग सक्रिय थे।
इसके अलावा प्रिंस खान के पुराने संपर्कों, सहयोगियों और कथित मददगारों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि उसका नेटवर्क केवल स्थानीय आपराधिक गतिविधियों तक सीमित था या इसके तार विदेश तक जुड़े हुए थे।
प्रिंस खान के कथित पाकिस्तान कनेक्शन और आतंकी संपर्कों को लेकर फिलहाल कई दावे जांच के दायरे में हैं। NIA इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों और संपर्कों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि प्रिंस खान के कथित आतंकी संपर्कों की वास्तविकता क्या है और उसके खिलाफ किस स्तर की कार्रवाई की जाएगी।




