
धनबाद। डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों से जुड़े सरकारी काम में बाधा डालने एवं पुलिसकर्मियों से कथित दुर्व्यवहार के मामले में मंगलवार को धनबाद की एमपीएमएलए अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने विधायक समेत चार आरोपियों को फिलहाल अग्रिम जमानत देने से राहत नहीं दी है। साथ ही गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने से भी अदालत ने इनकार कर दिया।
एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत में विधायक जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता शाहनवाज ने पक्ष रखा, जबकि अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र राय ने दलील दी।
करीब आधे घंटे तक चली सुनवाई में बचाव पक्ष ने अदालत से आरोपियों की गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगाने का आग्रह किया। अभियोजन ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पुलिस से कांड की केस डायरी तलब कर ली। हालांकि, अदालत ने इस चरण में गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिया।
22 अगस्त को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामला बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 से जुड़ा है। थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर 22 अगस्त 2026 को विधायक जयराम महतो समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
एफआईआर में विधायक जयराम महतो, सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जितेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, महेंद्र साव, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो और त्रिपुरारी पांडेय समेत अन्य समर्थकों के नाम शामिल हैं।
हिरासत में लिए गए व्यक्ति को छुड़ाने का आरोप
पुलिस की प्राथमिकी के मुताबिक, गणेश दास नामक व्यक्ति को एक मामले में गिरफ्तार कर बरवाअड्डा थाना की हाजत में रखा गया था। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद जयराम महतो कथित तौर पर करीब 40 से 50 समर्थकों के साथ थाना पहुंचे।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि थाना पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और समर्थकों से गणेश दास को हाजत से बाहर निकालने के लिए कहा गया। पुलिस के अनुसार, समर्थक हाजत की तरफ बढ़ने लगे। उन्हें रोकने के दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हुई।
थाना प्रभारी की मेज पर मुक्का मारने का भी आरोप
प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया है कि विधायक के साथ पहुंचे कुछ समर्थकों ने थाना प्रभारी के कार्यालय में पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की। इसी दौरान दिलीप चौधरी ने थाना प्रभारी की मेज पर मुक्का मारा और वहां रखा पदनाम बोर्ड क्षतिग्रस्त कर दिया।
पुलिस का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान थाना परिसर में हंगामा हुआ और पुलिसकर्मियों के सरकारी कार्य में बाधा डाली गई।
अब अदालत की अगली सुनवाई केस डायरी पेश किए जाने के बाद होगी। फिलहाल विधायक जयराम महतो समेत चार आरोपियों की अग्रिम जमानत पर अदालत ने कोई राहत नहीं दी है।




