
UPI New AI Feature: भारत डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में एक और बड़ा तकनीकी बदलाव करने की तैयारी में है। देश में जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एजेंट के जरिए UPI पेमेंट की सुविधा शुरू की जा सकती है। इसके तहत यूजर किसी AI एजेंट को सीमित अधिकार देकर छोटी रकम के भुगतान जैसे काम ऑटोमेट कर सकेंगे। हर ट्रांजैक्शन के लिए बार-बार यूजर की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी।
जानकारी के अनुसार, इस फ्रेमवर्क को ‘यूनिफाइड एजेंट प्रोटोकॉल’ (Unified Agent Protocol) नाम दिया गया है। इसकी घोषणा अगले हफ्ते मुंबई में होने वाले ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट’ (Global Fintech Fest) में होने की संभावना है
क्या है AI एजेंट पेमेंट सिस्टम?
नए सिस्टम में AI एजेंट यूजर की ओर से तय शर्तों के आधार पर डिजिटल पेमेंट कर सकेगा। शुरुआत में इसका इस्तेमाल किराना और रोजमर्रा की छोटी खरीदारी जैसे मामलों में किया जा सकता है। आगे चलकर ऑटोमैटिक शॉपिंग और अन्य वित्तीय कार्यों तक इसका विस्तार होने की संभावना है।
खर्च की लिमिट और सुरक्षा का भी इंतजाम
AI को खुली छूट देने के बजाय सिस्टम में स्पेंडिंग लिमिट, पहचान सत्यापन, ऑडिट ट्रेल और मर्चेंट इंटीग्रेशन जैसे सुरक्षा उपाय शामिल किए जाएंगे। UPI के मौजूदा फीचर्स जैसे UPI Circle और Reserve Pay का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि AI यूजर की तय सीमा और शर्तों के भीतर ही भुगतान करे।
भारत बन सकता है AI पेमेंट में ग्लोबल लीडर
AI एजेंट के जरिए भुगतान की दिशा में भारत के साथ अमेरिका, यूरोप, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया में भी काम चल रहा है। यदि UPI का यह सिस्टम लागू होता है तो भारत दुनिया के उन शुरुआती देशों में शामिल हो जाएगा, जहां राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर में AI एजेंट को शामिल किया जा रहा है।
भारत में UPI का इस्तेमाल लगातार तेजी से बढ़ रहा है। अगस्त 2026 में UPI के जरिए 24.51 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 29.82 लाख करोड़ रुपये रही। Google Pay और PhonePe की हिस्सेदारी करीब 75 प्रतिशत बताई गई है।




