
रांची: झारखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच अब अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग की फ्लैश फ्लड गाइडेंस के मुताबिक राज्य के 10 जिलों में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ का जोखिम जताया गया है। यह चेतावनी बुधवार तक प्रभावी रहने की बात कही गई है।
इन 10 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
फ्लैश फ्लड की आशंका वाले जिलों में गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं। इन जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम समय में पानी का बहाव बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
अचानक बढ़ सकता है नदी-नालों का जलस्तर
फ्लैश फ्लड सामान्य बाढ़ से अलग होती है। इसमें कम समय में तेज बारिश या जलग्रहण क्षेत्र से पानी आने के कारण नदी, नाले और छोटी जलधाराओं का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में इसका असर और तेजी से दिखाई दे सकता है।
फ्लैश फ्लड की स्थिति में कुछ ही समय में निचले इलाकों में पानी भर सकता है। इसलिए नदी या नाले के किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। तेज बारिश के दौरान किसी नदी, नाले या पुल के ऊपर से पानी बह रहा हो तो उसे पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पानी की गहराई कम नजर आने पर भी तेज बहाव बेहद खतरनाक हो सकता है।
सड़क संपर्क भी हो सकता है प्रभावित
अचानक बाढ़ आने की स्थिति में ग्रामीण सड़कें, छोटे पुल और पुलिया प्रभावित हो सकते हैं। इससे कई गांवों का सड़क संपर्क कुछ समय के लिए बाधित होने की संभावना रहती है। लगातार बारिश की वजह से पहले से संतृप्त मिट्टी वाले क्षेत्रों में जलभराव और सतही बहाव बढ़ने का खतरा भी रहता है। IMD की फ्लैश फ्लड गाइडेंस में ऐसे क्षेत्रों में सतही बहाव और निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना का उल्लेख किया गया है।
प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेने की जरूरत
झारखंड में लगातार बारिश के बीच कुछ इलाकों में पहले से ही बाढ़ जैसी परिस्थितियों की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में फ्लैश फ्लड की चेतावनी को सामान्य बारिश की सूचना मानकर नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।





