
त्रिशूर: केरल के त्रिशूर जिले में शुक्रवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने तमिलनाडु के कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। काइपमंगलम इलाके में एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी लॉरी से टकरा गई। हादसे में कार सवार 8 इंजीनियरिंग छात्रों की मौत हो गई।
दुर्घटना रात करीब 11:40 बजे पनमबिक्कुन्नू इलाके में नेशनल हाईवे पर हुई। बताया जा रहा है कि छात्र गुरुवायूर से कोडुंगल्लूर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े ट्रकों में से एक से उनकी कार पीछे से जा भिड़ी।
टक्कर इतनी जोरदार कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त
हादसे की तस्वीर बेहद भयावह थी। टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई छात्र वाहन के अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू टीम को शवों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कार में फंसे दो शवों को निकालने के लिए दमकलकर्मियों को कटर की मदद से वाहन की बॉडी काटनी पड़ी।
पुलिस के अनुसार, 7 छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल एक छात्र ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
सड़क निर्माण के दौरान खड़े थे ट्रक
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्घटनास्थल पर सड़क मरम्मत या निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे एक दिशा में कई लॉरियां खड़ी थीं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वाहनों को वहां किस तरह खड़ा किया गया था और क्या पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हिस्से में पहले भी सड़क हादसे होते रहे हैं। दुर्घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। हादसे से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।
तमिलनाडु के रहने वाले थे छात्र
हादसे में शामिल कार तमिलनाडु के रजिस्ट्रेशन वाली बताई जा रही है। घटनास्थल से डिंडीगुल स्थित पीएसएनए इंजीनियरिंग कॉलेज के एक छात्र का पहचान पत्र भी मिला है। पुलिस के मुताबिक मृतक छात्रों में तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले युवक शामिल हैं।
मृतकों में विश्व (20), सूर्या (20), संतोष (20), प्रसन्ना और युवसंजीत (20) समेत अन्य छात्र शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर त्रिशूर मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखवा दिया है।
छात्रों के परिवारों को हादसे की सूचना दे दी गई है। पुलिस अब दुर्घटना की परिस्थितियों, कार की गति और सड़क किनारे खड़े लॉरियों से जुड़े सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत जांच कर रही है।






