
आकाश लोहार
गढ़वा
कहा जाता है कि एक अच्छा शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान नहीं देता,बल्कि वह बच्चों के भीतर सपनों को जन्म देता है,उन्हें संस्कारों की राह दिखाता है और जीवन की चुनौतियों से लड़ने का हौसला देता है,शिक्षक ही वह कड़ी है,जो एक बच्चे के वर्तमान को संवारकर उसके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है,इसी भावना के साथ शनिवार को ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल,गढ़वा में शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक श्री अनूप सोनी,सचिव श्री आलोक सोनी,प्रबंधन समिति के सदस्य श्री धीरज राज सर एवं प्रधानाचार्य डॉ. निरकेष शर्मा द्वारा भारत के महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई,इस दौरान सभी ने डॉ. राधाकृष्णन के शिक्षा के प्रति समर्पण और उनके आदर्शों को याद किया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक श्री अनूप सोनी ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं,शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते,बल्कि उनके चरित्र,संस्कार,अनुशासन और व्यक्तित्व का भी निर्माण करते हैं।
उन्होंने कहा कि गढ़वा जैसे छोटे शहर में भी बड़े सपने देखे जा सकते हैं और उन्हें हकीकत में बदला जा सकता है,हमारा सपना है कि ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल गढ़वा से टॉपर निकले,यह सपना असंभव नहीं है,जरूरत सिर्फ इच्छाशक्ति,मेहनत और सही दिशा में निरंतर प्रयास करने की है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी शिक्षकों को उपहार देकर सम्मानित किया गया,सम्मान पाकर शिक्षकों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया,इस दौरान विद्यालय परिवार ने शिक्षकों के योगदान के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
विद्यालय के विज्ञान शिक्षक श्री प्रवीण दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं,हमारे हाथों में विद्यालय के विद्यार्थियों का भविष्य है,इसलिए हम सभी को पूरी ईमानदारी,लगन और समर्पण के साथ कार्य करना होगा,ताकि यहां पढ़ने वाले प्रत्येक विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सके और देश का नाम रोशन करे।
वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री निरकेष शर्मा ने शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि छोटे-छोटे बच्चे पौधों की तरह होते हैं,जिस प्रकार एक पौधे को समय पर पानी,खाद और सही देखभाल की जरूरत होती है,उसी प्रकार बच्चों को भी शिक्षा,संस्कार और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है,हमारा प्रयास होना चाहिए कि इन बच्चों को इस तरह सींचा जाए कि वे भविष्य में एक मजबूत और शिक्षित वृक्ष बनकर अपने विद्यालय,परिवार और देश का नाम रोशन करें।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का कार्य केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं है,बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व को आकार देना भी शिक्षक की बड़ी जिम्मेदारी है,शिक्षक अपने ज्ञान और संस्कारों के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को बेहतर समाज के निर्माण के लिए तैयार करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्शों को स्मरण किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया,पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह,सम्मान और खुशी का माहौल बना रहा।
शिक्षक दिवस का यह आयोजन महज एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि गुरु और शिष्य के उस पवित्र रिश्ते को नमन था,जिसकी नींव पर समाज और राष्ट्र का भविष्य खड़ा होता है,कार्यक्रम का समापन शिक्षकों के प्रति सम्मान,आभार और कृतज्ञता की भावना के साथ हुआ।






