
आकाश लोहार
गढ़वा
झारखंड की धरती ने देश को खनिज संपदा दी है,लेकिन जब इसी संपदा और राज्य के अधिकारों पर सवाल खड़ा होता है,तो सियासत भी तेज हो जाती है,केंद्र सरकार के खान एवं खनिज विकास विनियमन (MMDR) संशोधन बिल के विरोध में अब झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है,इसी कड़ी में आगामी 7 सितंबर को प्रस्तावित विशाल धरना प्रदर्शन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने को लेकर झामुमो नगर परिषद,गढ़वा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
04 सितंबर 2026 दिन शुक्रवार को माननीय पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के कल्याणपुर स्थित आवास पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता झामुमो नगर परिषद अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने की,वहीं मंच संचालन झामुमो युवा मोर्चा नगर परिषद सचिव दीनदयाल पासवान ने किया।
बैठक में झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा पारित MMDR संशोधन बिल को ‘काला कानून’ बताते हुए इसका पुरजोर विरोध किया,नेताओं ने कहा कि यह संशोधन सिर्फ एक कानून में बदलाव नहीं,बल्कि झारखंड के अधिकारों और राज्य के हितों से जुड़ा गंभीर विषय है।
झामुमो नेताओं का कहना था कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां की प्राकृतिक संपदा से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास और आम जनता के कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है,यदि इस संशोधन के कारण राज्य की वित्तीय स्थिति प्रभावित होती है,तो इसका सीधा असर गरीब,किसान,मजदूर,बुजुर्ग,विधवा,दिव्यांग,विद्यार्थी और आम जरूरतमंद परिवारों पर पड़ सकता है।
बैठक में नेताओं ने आशंका जताई कि राज्य की वित्तीय स्थिति कमजोर होने पर सरकार द्वारा संचालित मंईयां सम्मान योजना,वृद्धावस्था,विधवा एवं दिव्यांग पेंशन योजनाएं,शिक्षा एवं छात्रवृत्ति योजनाएं,मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना तथा ग्रामीण विकास की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं,नेताओं ने कहा कि इसका सबसे बड़ा नुकसान राज्य की आम जनता को उठाना पड़ेगा।
झामुमो नगर परिषद अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बिल झारखंड के अधिकारों पर सीधा हमला है,उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक दल की नहीं,बल्कि झारखंड के हक और अधिकार की लड़ाई है,उन्होंने मंईयां सम्मान योजना सहित राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं को बचाने के लिए आम लोगों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आगामी 7 सितंबर को होने वाले धरना प्रदर्शन में आम आवाम की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी,ताकि केंद्र सरकार तक झारखंड की आवाज मजबूती से पहुंच सके।
आशीष अग्रवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़कर इस काले कानून को हर हाल में वापस लेना होगा,यदि केंद्र सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया,तो झामुमो चुप नहीं बैठेगा,उन्होंने कहा कि पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने के लिए तैयार है।
बैठक में कार्यकर्ताओं ने भी 7 सितंबर के आंदोलन को सफल बनाने को लेकर अपनी जिम्मेदारियों पर चर्चा की और अधिक से अधिक लोगों को धरना प्रदर्शन से जोड़ने का संकल्प लिया।
बैठक में मुख्य रूप से जवाहर पासवान,तनवीर आलम,परेश तिवारी,रेखा चौबे,चंदन जायसवाल,राजा सिंह,वसीम खान,नवीन तिवारी,दिलीप गुप्ता,फरीद खान,शरीफ अंसारी,फुजेल अहमद,राजेश विश्वकर्मा,संतोष केशरी,करीमन बघेल सहित झामुमो के कार्यकर्ता एवं सम्मानित लोग उपस्थित रहे।
अब निगाहें 7 सितंबर पर टिकी हैं,झामुमो इसे सिर्फ एक धरना प्रदर्शन नहीं,बल्कि झारखंड के अधिकार और अपने हक की आवाज को बुलंद करने का बड़ा मंच बनाने की तैयारी में है,ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि 7 सितंबर को गढ़वा की धरती से उठने वाली आवाज कितनी दूर तक पहुंचती है।




