
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक स्थित सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
बताया जा रहा है कि हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, इमारत में बेसमेंट से जुड़ा निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान किसी पिलर के खिसकने की वजह से पूरी संरचना अचानक ढह गई। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
इमारत गिरने के बाद राहत एवं बचाव कार्य में एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियों को लगाया गया। बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश करते हुए अब तक 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। हादसे में तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कुछ घायलों को गंभीर हालत में अस्पताल भेजे जाने की बात कही गई है।
रेस्क्यू टीम मलबे को सावधानीपूर्वक हटाकर अंदर किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की संभावना तलाश रही है।
बेसमेंट में चल रहे काम के दौरान हादसा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल की स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि इमारत के बेसमेंट में काम चल रहा था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इसी दौरान एक पिलर के खिसकने से इमारत का संतुलन बिगड़ा और वह ढह गई।
प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और निर्माण कार्य से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया। उन्होंने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकारी घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं तथा प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
अमित शाह ने सीएम और अधिकारियों से ली जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री, पुलिस आयुक्त और एनडीआरएफ के महानिदेशक से बातचीत कर जमीनी हालात की जानकारी ली। उन्होंने बचाव अभियान और घायलों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की।
गृह मंत्रालय की ओर से भी राहत एवं बचाव कार्य में आवश्यक सहयोग का भरोसा दिया गया है।
जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दिए निर्देश
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बात कर हादसे की स्थिति की जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हर संभव चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
AIIMS के निदेशक समेत केंद्र सरकार के अस्पतालों को जरूरत पड़ने पर घायलों के इलाज के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हादसे के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने इमारत के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस हादसे के कारणों के साथ-साथ निर्माण कार्य, सुरक्षा मानकों और इमारत की स्थिति से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
हादसे के बाद सत्य निकेतन और मोती बाग के आसपास यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। बचाव अभियान में लगे दमकल वाहनों, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी है।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से घटनास्थल के आसपास अनावश्यक रूप से रुकने या वाहन पार्क नहीं करने की अपील की है। जरूरत पड़ने पर इलाके में ट्रैफिक को डायवर्ट भी किया जा सकता है।
घटनास्थल पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू समेत वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे और राहत-बचाव अभियान का जायजा लिया।
फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। हादसे की विस्तृत जांच के बाद ही इमारत गिरने की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी से जुड़ी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।






