
नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के ढहने से हुए दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। सोमवार को मलबा हटाने के दौरान रेस्क्यू टीम ने एक और शव बरामद किया। हादसे के बाद अब बचाव अभियान के साथ-साथ जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई भी तेज हो गई है।
हादसे की जांच में पुलिस का सबसे बड़ा फोकस अब इमारत के कथित मालिक हरिराम बंसल पर है। पुलिस ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद लुक आउट सर्कुलर जारी कराया है, ताकि वह देश छोड़कर बाहर न जा सके। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 10 विशेष टीमें गठित की हैं।
तीन राज्यों में एक साथ दबिश
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हरिराम बंसल की तलाश में दिल्ली के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। गठित टीमों में स्थानीय पुलिस, स्पेशल स्टाफ और अन्य ऑपरेशनल यूनिट के जवान शामिल हैं। प्रत्येक टीम की निगरानी एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
पुलिस के पास आरोपी से जुड़ी पासपोर्ट संबंधी जानकारी भी मौजूद है। ऐसे में उसकी विदेश जाने की किसी भी संभावित कोशिश को रोकने के लिए लुक आउट सर्कुलर अहम कदम माना जा रहा है।
पीजी में रह रहे थे छात्र, बेसमेंट में चल रहा था काम
पुलिस के अनुसार हादसे के वक्त इमारत का इस्तेमाल लड़कों के पेइंग गेस्ट (पीजी) के रूप में किया जा रहा था। बताया गया है कि इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक पांच मंजिला भवन भरभराकर गिर गया।
‘हॉस्टल डेज’ नाम से संचालित इस पीजी में आसपास के कॉलेजों और दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े कई छात्र रह रहे थे। हादसे के बाद मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव अभियान जारी रखा गया।
एफआईआर में गंभीर धाराएं
पुलिस ने हरिराम बंसल समेत अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें गैर-इरादतन हत्या, भवन निर्माण/मरम्मत में लापरवाही और लोगों की जान या निजी सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इमारत में निर्माण या मरम्मत के दौरान किन नियमों का उल्लंघन हुआ और हादसे के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।
गुरुग्राम में कई संपत्तियों की जानकारी
जांच के बीच हरिराम बंसल से जुड़ी गुरुग्राम की संपत्तियों को लेकर भी जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार वह कई वर्षों से इलाके में रह रहा था और उसकी हार्डवेयर की दुकान भी है। पड़ोसियों ने बताया कि उसके परिवार के सदस्य भी गुरुग्राम में रहते हैं और वहां उसकी कई संपत्तियां हैं।
हालांकि, पड़ोसियों ने दिल्ली के सत्य निकेतन स्थित इमारत से उसके संबंध के बारे में जानकारी होने से इनकार किया है।
सीएम ने कहा- दोषियों को नहीं मिलेगी राहत
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह घटनास्थल का दोबारा दौरा कर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और स्पष्ट किया कि हादसे में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
सीएम ने यह भी कहा कि यदि जांच में दिल्ली नगर निगम के अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा।
एमसीडी के चार इंजीनियर निलंबित
सरकार के रुख के बाद एमसीडी स्तर पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है। साउथ जोन के डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर समेत चार इंजीनियरों को निलंबित किया गया है। अधिकारियों की भूमिका और संभावित लापरवाही की जांच की जा रही है।
दिल्ली में अवैध पांच मंजिला इमारतों पर नजर
सत्य निकेतन हादसे के बाद अब राजधानी की दूसरी इमारतों को लेकर भी प्रशासन सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार दिल्लीभर में अवैध पांच-मंजिला इमारतों को चिह्नित कर सील करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में मौजूद पीजी तथा अन्य इमारतों की भी जांच तेज कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं भवन निर्माण और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा।
हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
इमारत गिरने का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट तक भी पहुंच गया है। घटना और राजधानी में भवन सुरक्षा से जुड़े सवालों को लेकर अदालत में याचिका दायर की गई है। याचिका में मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है। कोर्ट की ओर से याचिका पर जल्द सुनवाई का भरोसा दिया गया है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान के साथ जांच भी जारी है। सात मौतों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पांच मंजिला इमारत में ऐसा क्या हुआ कि देखते ही देखते पूरा ढांचा ढह गया और क्या समय रहते संभावित खतरे को पहचाना जा सकता था।





