
रांची: राजधानी रांची में सोमवार शाम उस वक्त पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, जब चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ को कुछ युवकों द्वारा जबरन गाड़ी से उतारकर स्कॉर्पियो में ले जाने की सूचना सामने आई। घटना नयासराय स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी के बाहर की बतायी जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने शहर में नाकेबंदी कर सौरभ की तलाश शुरू कर दी। हालांकि, पुलिस की सक्रियता के बाद युवक उसे अरगोड़ा चौक के पास छोड़कर फरार हो गए।
घटना शाम करीब 4:45 बजे की बतायी जा रही है। जानकारी के अनुसार, सौरभ अपनी थार में बैठा था। इसी दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो से कुछ युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने पहले उसकी थार पर लाठी-डंडे से हमला किया और फिर सौरभ को गाड़ी से बाहर खींच लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट करते हुए उसे स्कॉर्पियो में बैठाकर अपने साथ ले गए।
यूनिवर्सिटी में विवाद के बाद बढ़ा मामला
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सौरभ निजी यूनिवर्सिटी में एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। सोमवार को कैंपस में खाने-पीने के दौरान उसका कुछ छात्रों से विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के बाद सौरभ ने किसी युवक को फोन कर धमकी दी थी। इसके कुछ समय बाद यूनिवर्सिटी के बाहर युवकों के पहुंचने और मारपीट की घटना सामने आई।
शहर में नाकेबंदी, पुलिस की गाड़ी देखते ही छोड़ा
सौरभ को जबरन ले जाने की सूचना पुलिस तक पहुंचते ही कई स्तरों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई। एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और तकनीकी टीम को भी जांच में लगाया गया। शहर के प्रमुख इलाकों में नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की गई।
इसी दौरान पुलिस को सौरभ के अरगोड़ा चौक के आसपास होने की जानकारी मिली। बताया जा रहा है कि पुलिस की गाड़ी को देखकर आरोपी युवक सौरभ को अरगोड़ा चौक के पास छोड़कर फरार हो गए।
विधायक बोले- बेटे की हालत गंभीर
घटना की जानकारी मिलने के बाद विधायक जनार्दन पासवान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मारपीट में उनके बेटे को गंभीर चोटें आई हैं। मामले में आयुष, राजा, प्रीतम सिंह और शौर्य नाम के युवकों का जिक्र सामने आया है। इनमें से दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मेडिकल जांच में कई जगह चोट के निशान
सौरभ को बरामद किए जाने के बाद उसकी मेडिकल जांच करायी गयी। चिकित्सकीय जांच में आंख के आसपास चोट, जबड़े और सिर में चोट के लक्षण समेत शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोट की बात सामने आई है। डॉक्टर पंकज कुमार और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरके जायसवाल ने उसकी जांच की।
पुलिस ने बताया- गैंगवार या पेशेवर अपहरण नहीं
घटना के बाद अपहरण की सूचना से पुलिस प्रशासन में अफरा-तफरी की स्थिति बन गयी थी। हालांकि, सिटी एसपी के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला किसी पेशेवर गिरोह द्वारा किए गए अपहरण का नहीं, बल्कि युवकों के बीच हुए विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
सौरभ ने पुलिस को बताया है कि आरोपियों में शामिल एक युवक किसी पुलिस पदाधिकारी का बेटा है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। देर रात तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं होने की जानकारी सामने आई थी।





