
जमशेदपुर। जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो को एक बार फिर प्रतिष्ठित ‘संसद रत्न पुरस्कार’ के लिए चयनित किया गया है। वर्ष 2026 के संसद रत्न पुरस्कार के लिए देशभर के 12 सांसदों और चार संसदीय समितियों का चयन किया गया है। इनमें झारखंड से सांसद विद्युत वरण महतो और निशिकांत दुबे का नाम शामिल है।
सांसद विद्युत वरण महतो ने इस सम्मान पर खुशी और भावुकता व्यक्त करते हुए इसे अपने व्यक्तिगत सम्मान के बजाय जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र की जनता के विश्वास, स्नेह और आशीर्वाद का सम्मान बताया है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाना और क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास करना उनकी प्राथमिकता रही है।
जनता के विश्वास को बताया अपनी सबसे बड़ी ताकत
विद्युत वरण महतो ने कहा कि संसद में जनहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाना उनकी जिम्मेदारी है। क्षेत्र की समस्याओं, विकास की जरूरतों और आम लोगों की अपेक्षाओं को सदन तक पहुंचाने के लिए वे लगातार प्रयास करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संसद में उनकी सक्रियता के पीछे जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र की जनता का विश्वास सबसे बड़ी प्रेरणा है। यही विश्वास उन्हें आगे भी राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने की ऊर्जा देता है।
सम्मान जमशेदपुर की जनता को समर्पित
सांसद ने कहा कि यह प्रतिष्ठित सम्मान वह अपने जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र के लोगों को समर्पित करते हैं। उन्होंने जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनका विश्वास और आशीर्वाद ही उन्हें और अधिक ऊर्जा एवं समर्पण के साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है।
उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी प्राथमिकता केवल संसद में उपस्थिति दर्ज कराना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाना और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करना है।
संसद रत्न पुरस्कार की शुरुआत कैसे हुई?
‘संसद रत्न पुरस्कार’ की शुरुआत वर्ष 2010 में चेन्नई स्थित प्राइम पॉइंट फाउंडेशन ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर की थी। यह सम्मान संसद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सांसदों और संसदीय समितियों को दिया जाता है। पुरस्कार के लिए सांसदों के संसदीय प्रदर्शन, सवालों, बहस में भागीदारी और अन्य संसदीय योगदान जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है।
वर्ष 2026 के लिए चयनित सांसदों में उत्तर प्रदेश के जगदंबिका पाल और प्रवीण पटेल, राजस्थान के पीपी चौधरी और लूम्बाराम चौधरी, झारखंड के निशिकांत दुबे और विद्युत वरण महतो, महाराष्ट्र के डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे, डॉ. हेमंत विष्णु सावरा, स्मिता उदय वाघ, नरेश गणपत म्हस्के और डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी तथा गुजरात के नरहरि अमीन शामिल हैं।
लगातार संसदीय सक्रियता पर मिल रहा सम्मान
विद्युत वरण महतो को इससे पहले भी संसद रत्न सम्मान मिल चुका है। 2025 में उन्हें चौथी बार इस सम्मान से नवाजा गया था। उस समय नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था।
2026 के लिए उनका दोबारा चयन यह बताता है कि संसद में उनके प्रदर्शन को एक बार फिर पुरस्कार समिति ने उल्लेखनीय माना है। आधिकारिक घोषणा के मुताबिक इस बार चयन 2026 के बजट सत्र के अंत तक संसद में प्रदर्शन के आधार पर किया गया।
सांसद का संदेश
सम्मान पर सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए गौरव का विषय है, लेकिन इसके पीछे सबसे बड़ा योगदान जमशेदपुर की जनता के विश्वास और समर्थन का है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी वे जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहेंगे और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे।
उन्होंने अपने संदेश में कहा—
“आपका विश्वास—मेरी शक्ति, जनसेवा—मेरा संकल्प।”




