
झारखंड में DJ-लाउडस्पीकर पर अब सख्ती, बिना अनुमति बजाया तो लगेगा जुर्माना
नगर निकायों को ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए मिली जिम्मेदारी, 5 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान
रांची। झारखंड में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने अब सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। राज्य के शहरी क्षेत्रों में बिना अनुमति डीजे, लाउडस्पीकर और अन्य तेज आवाज वाले ध्वनि उपकरणों के इस्तेमाल पर कार्रवाई की जाएगी। नगर निकायों को ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का प्रभावी ढंग से पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य शहरी विकास अभिकरण के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने राज्य के सभी नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, उप नगर आयुक्त और कार्यपालक पदाधिकारियों को पत्र जारी कर संबंधित नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया है। सरकार का यह राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में लागू होगा।
बिना लिखित अनुमति लाउडस्पीकर पर रोक
झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 के तहत नगर निकायों को ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए कार्रवाई का अधिकार दिया गया है। आदेश के मुताबिक नगर आयुक्त या कार्यपालक पदाधिकारी की लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर बजाना प्रतिबंधित रहेगा। नियम का उल्लंघन करने पर दो हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
वहीं सार्वजनिक शांति भंग करने या ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित आदेशों का उल्लंघन करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या समूह पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
धार्मिक स्थलों पर भी नियमों का पालन जरूरी
धार्मिक स्थलों पर इस्तेमाल होने वाले लाउडस्पीकर को लेकर जारी आदेश में अनुमति की प्रक्रिया का अलग से स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों के तहत लाउडस्पीकर और डीजे के इस्तेमाल के लिए निर्धारित अनुमति और मानकों का पालन करना आवश्यक है।
इसका मतलब यह है कि धार्मिक, सामाजिक या अन्य सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल करते समय निर्धारित नियमों और अनुमतियों का पालन करना होगा।
तीन महीने में चिह्नित होंगे साइलेंस जोन
राज्य सरकार ने नगर निकायों को अपने-अपने क्षेत्र में साइलेंस जोन चिह्नित करने का निर्देश भी दिया है। यह काम संबंधित उपायुक्त के दिशा-निर्देश में तीन महीने के भीतर पूरा करना होगा।
इसके अलावा नगर निगम और अन्य नगर निकायों को अपने क्षेत्रों को औद्योगिक, वाणिज्यिक, आवासीय और साइलेंस जोन में निर्धारित करना होगा। प्रत्येक जोन में निर्धारित ध्वनि सीमा की जानकारी देने वाले साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
छह मई 2026 की SOP का भी करना होगा पालन
सरकार ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से 6 मई 2026 को संकल्प संख्या 1894 के तहत जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का भी हवाला दिया है। सभी नगर निकायों को इस SOP में निर्धारित प्रावधानों को अपने क्षेत्र में लागू कराने का निर्देश दिया गया है।
सरकार ने संबंधित उपायुक्तों को अपने-अपने क्षेत्र में पूरी व्यवस्था की निगरानी करने और नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है।
अब आयोजकों की बढ़ेगी जिम्मेदारी
सरकार के इस निर्देश के बाद शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन, जुलूस, सामाजिक कार्यक्रम और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में डीजे या लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने वालों को नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा। नगर निकायों की अनुमति और निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने पर कार्रवाई और जुर्माना दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
यानी अब झारखंड के शहरी क्षेत्रों में तेज आवाज में DJ और लाउडस्पीकर बजाना पहले जितना आसान नहीं होगा। नगर निकायों को नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्पष्ट अधिकार और जिम्मेदारी दोनों दी गई है।







