
सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले में शनिवार की सुबह जिला परिषद सदस्य के पति एवं जिला परिषद प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो की हत्या के बाद हालात अचानक बेकाबू हो गए। डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया-रामपट्टी चौक के पास मॉर्निंग वॉक पर निकले बैद्यनाथ महतो को अपराधियों ने निशाना बनाया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई।
बताया जा रहा है कि अपराधियों ने बैद्यनाथ महतो पर करीब आठ राउंड फायरिंग की। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या की खबर जैसे ही आसपास के गांवों में पहुंची, बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुटने लगे। देखते ही देखते भीड़ का गुस्सा उग्र हो गया।
आरोपी के घर और मुर्गी फार्म में लगाई आग
हत्या से आक्रोशित लोगों ने मामले में संदिग्ध बताए जा रहे एजाज के घर और मुर्गी फार्म को निशाना बनाया। उग्र भीड़ ने वहां आग लगा दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालात संभालने पहुंची पुलिस को भी लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
पुलिस टीम पर पथराव किए जाने की बात सामने आई है। इस दौरान कई पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई। बताया जा रहा है कि करीब आठ पुलिस गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया गया। भीड़ के आक्रोश का सामना पुलिस अधिकारियों को भी करना पड़ा।
पथराव में इंस्पेक्टर और ट्रैफिक थानाध्यक्ष घायल
हंगामे और पथराव के दौरान पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। इंस्पेक्टर अनिल राम और ट्रैफिक थाना प्रभारी प्रशांत कुमार के सिर में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। दोनों पुलिस अधिकारियों को उपचार के लिए भेजा गया।
घटना के दौरान पुलिस अधिकारियों और वाहनों को निशाना बनाए जाने की वजह से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। सीतामढ़ी के एसपी अमित रंजन की गाड़ी को भी भीड़ के हमले में नुकसान पहुंचने की जानकारी है। एसपी समेत पुलिस बल के घायल होने की बात भी सामने आई है। हालांकि एसपी की चोट की स्थिति को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
पहले भी हुई थी गोलीबारी, पुलिस कार्रवाई पर सवाल
बैद्यनाथ महतो की हत्या के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों और परिजनों का दावा है कि 28 अगस्त की रात जिला पार्षद के आवास पर भी गोलीबारी हुई थी। आरोप है कि घटना के बाद अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने 8 सितंबर को डुमरा थाने पहुंचकर प्रदर्शन भी किया था। लोगों का कहना है कि यदि पिछली घटना के बाद पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती और आरोपियों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की होती, तो शायद बैद्यनाथ महतो की हत्या की घटना को टाला जा सकता था।
शराब कारोबार के विरोध से जुड़ा विवाद जांच के केंद्र में
प्रारंभिक तौर पर हत्या के पीछे शराब कारोबार के विरोध को लेकर चल रहे विवाद को एक संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि हत्या की वास्तविक वजह और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका की पुलिस जांच कर रही है।
घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। बताया गया है कि करीब 12 थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर लगाया गया है। पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उपद्रव करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
आरोपियों की तलाश में छापेमारी
हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस वारदात के कारणों के साथ-साथ हमलावरों की पहचान और हत्या से पहले तथा बाद की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
फिलहाल बैद्यनाथ महतो की हत्या के बाद डुमरा और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस की कोशिश स्थिति को सामान्य करने और मामले में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की है।







