
रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने राज्य सरकार की ओर से रद्द की गई चार प्रतियोगी परीक्षाओं पर पहले लगाई गई रोक को बरकरार रखा है। मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक रौशन की अदालत में हुई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 48 घंटे का समय दिया है। सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और महाधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। हालांकि, अदालत ने मामले को अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए अधिक समय देने से इनकार कर दिया।
यह मामला JSSC-CGL-2023, 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा, CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षाओं से जुड़ा है। इन परीक्षाओं के माध्यम से चयनित होकर सरकारी विभागों में कार्यरत अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आधार पर पूरी प्रक्रिया को रद्द किए जाने से उन लोगों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, जिन्होंने चयन प्रक्रिया पूरी कर नौकरी हासिल की है।
दरअसल, JPSC और JSSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में करीब 26 दिनों तक आंदोलन चला था। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 17 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर कई बड़े फैसले लिए।
सरकार ने 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द, 6 परीक्षाओं को स्थगित करने और 17 परीक्षाओं की CID जांच कराने का निर्णय लिया था। इसके अगले दिन, 18 अगस्त को संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई थी।
सरकार के इस फैसले की जद में JSSC-CGL, 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा, CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षाएं और इनके जरिए चयनित अभ्यर्थी भी आए।
सरकार के फैसले के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई के दौरान 20 अगस्त को हाईकोर्ट ने परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी।
मंगलवार को हुई सुनवाई में अदालत ने इस अंतरिम रोक को बरकरार रखा है। साथ ही सरकार को 48 घंटे के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।






