
पलामू: जिले के चैनपुर प्रखंड की रबदा पंचायत में बुधवार को वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में करीब 13 मवेशियों की मौत हो गई। अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, केवाल गांव निवासी महेंद्र चौधरी की पांच बकरियां वज्रपात की चपेट में आ गईं। सभी बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बाकिटांड़ टोला निवासी मुनारिक चौधरी के पांच गाय, बैल और बछड़ों के साथ तीन बकरियां भी वज्रपात की चपेट में आकर मर गईं।
बताया गया कि बुधवार को मौसम में अचानक बदलाव आया और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान क्षेत्र में वज्रपात हुआ। उस समय मवेशी खुले मैदान में चर रहे थे, जिससे वे इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद पशुपालकों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित पशुपालकों ने प्रशासन से घटना का स्थल निरीक्षण कर मवेशियों की मौत से हुए नुकसान का आकलन कराने और नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। स्थानीय स्तर पर भी प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने की मांग उठ रही है।







