
रांची: बहुचर्चित कमल भूषण हत्याकांड के सरकारी गवाह मुनव्वर अफाक पर रविवार सुबह अपराधियों ने जानलेवा हमला करने की कोशिश की। कांटाटोली चौक के पास बाइक सवार तीन अपराधियों ने मुनव्वर को निशाना बनाते हुए पिस्टल तान दी और फायरिंग का प्रयास किया। हालांकि, हथियार मिसफायर होने के कारण गोली नहीं चल सकी। इसके बाद तीनों अपराधी बाइक से नामकुम की ओर फरार हो गए।
घटना के बाद मुनव्वर अफाक ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। उनके मुताबिक, कांटाटोली चौक के पास कुछ अपराधी पहले से घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही वह वहां पहुंचे, हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया और पिस्टल तानकर गोली चलाने की कोशिश की। हथियार मिसफायर होने के बाद आरोपी मौके से भाग निकले।
दो हमलावरों के नाम बताए
मुनव्वर अफाक ने हमलावरों में एलेक्स और विशाल उर्फ कटला के शामिल होने का दावा किया है। उनके मुताबिक, दोनों के साथ एक और अपराधी मौजूद था, जिसकी पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। शुरुआती जानकारी में हमलावरों के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई से जुड़े होने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, इस कनेक्शन की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मुनव्वर ने कमल भूषण हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे डब्ल्यू कुजूर और राहुल कुजूर के इशारे पर हमले की आशंका जताई है। उनका कहना है कि अदालत में सरकारी गवाह बनने के बाद से ही उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। मुनव्वर के अनुसार, उन्हें धमकी दी गई थी कि कमल भूषण के बेटे को भले नहीं मारेंगे, लेकिन तुम्हें जरूर मारेंगे।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही लोअर बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ही आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अपराधियों के भागने की दिशा में नाकेबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
2022 में हुई थी कमल भूषण की हत्या
बता दें कि 30 मई 2022 को गैलेक्सिया मॉल के पास कमल भूषण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जमीन कारोबार में पैसों के लेन-देन और पारिवारिक रंजिश को हत्या की वजह बताया गया था। इसके बाद कमल भूषण के अकाउंटेंट संजय कुमार की भी पैसों के विवाद में हत्या कर दी गई थी।
कमल भूषण हत्याकांड में 22 सितंबर 2025 को अदालत ने राहुल कुजूर, डब्ल्यू कुजूर और काविस अदनान को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं, सरकारी गवाह बनने के बाद मुनव्वर अफाक को अदालत ने बरी कर दिया था। मामले के अन्य आरोपी छोटू कुजूर समेत कुछ अन्य लोग अब भी जेल में बंद हैं।
फिलहाल पुलिस हमले की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और पीड़ित के बयान के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।




