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दुमका: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार को दुमका में मीडिया से बातचीत के दौरान झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
सांसद ने आरोप लगाया कि झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार को बुलाकर SIR की प्रक्रिया को प्रभावित किए जाने की संभावनाओं को समझने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान स्कूली शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह और रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को भी साथ रखा गया था।
निशिकांत दुबे ने इस पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए भारत निर्वाचन आयोग और सीबीआई से अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को राज्य से बाहर रखा जाना चाहिए।
MMDR संशोधन विधेयक को लेकर सरकार पर साधा निशाना
सांसद ने MMDR संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर भी हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को लेकर जनता को गुमराह कर रही है।
निशिकांत दुबे ने राज्य सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि झारखंड सरकार को कोयले के उत्पादन पर आपत्ति है तो वह राज्य में कोयला उत्पादन बंद कर दे। केंद्र सरकार को झारखंड के कोयले की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई राज्य हैं, जहां कोयला का उत्पादन हो रहा है पर यहां इसका विरोध इसलिए हो रहा है कि ये लोग चोर हैं।
JPSC-JSSC भर्ती विवाद पर सुप्रियो भट्टाचार्य को घेरा
सांसद ने JPSC और JSSC से जुड़े भर्ती विवाद को लेकर झामुमो के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में पैसे लेकर नियुक्तियां की गईं और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई।
निशिकांत दुबे ने दावा किया कि सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी JPSC की सदस्य रही हैं। उन्होंने एक मामले का हवाला देते हुए कहा कि जब उनके पीए की गिरफ्तारी हुई थी, तब यह बात सामने आई कि पैसे ऊपर तक पहुंच रहे थे। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर बयान देने वाले सुप्रियो भट्टाचार्य इस मामले में इसलिए चुप हैं क्योंकि उन्हें सीबीआई जांच होने पर कार्रवाई का डर है।
दुमका को लेकर सोरेन परिवार पर साधा निशाना
गोड्डा सांसद ने दुमका को लेकर भी सोरेन परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दुमका झारखंड की उपराजधानी है और पिछले कई दशकों से सोरेन परिवार के सदस्य यहां से जनप्रतिनिधि रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इतने लंबे राजनीतिक प्रतिनिधित्व के बावजूद सोरेन परिवार एक भी उपलब्धि बताएं जो उन्होंने इस क्षेत्र के लिए किया हो। सांसद ने कहा कि यहां के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।





