
चतरा: टीएसपीसी सुप्रीमो और 30 लाख रुपये के इनामी उग्रवादी बृजेश गंझू उर्फ गोपाल का शव सोमवार को लावालौंग के लुटू गांव पहुंचा। शव के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिचित और आसपास के लोग वहां जुटने लगे। शव देखते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गांव के श्मशानघाट में बृजेश गंझू के अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल की तैनाती की है। आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है और श्मशानघाट के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
वाराणसी में यूपी ATS के साथ मुठभेड़ में हुई थी मौत
बृजेश गंझू की रविवार को वाराणसी में यूपी ATS के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई थी। वह 30 लाख रुपये का इनामी उग्रवादी था। उसके ऊपर झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये और NIA की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, बृजेश गंझू के खिलाफ टेरर फंडिंग, रंगदारी, विकास कार्यों में बाधा डालने और पुलिस-सुरक्षाबलों पर हमले समेत कई गंभीर मामले दर्ज थे। अकेले चतरा जिले में उसके खिलाफ 43 उग्रवादी मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।
पुलिस टीम पर हुई थी फायरिंग
मुठभेड़ के दौरान बृजेश गंझू की ओर से की गई फायरिंग में पुलिसकर्मियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगी थीं। ATS के अनुसार, DYSP विपिन राय और हेड कॉन्स्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी। दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित बताए गए हैं।
ATS के मुताबिक, पुलिस टीम की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई के दौरान बृजेश गंझू को गोली लगी। इसके बाद पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बृजेश गंझू के एनकाउंटर में शामिल ATS टीम को 2 लाख रुपये का इनाम मिलेगा।
2004 में खड़ा किया संगठन
बृजेश गंझू ने वर्ष 2004 में अपना संगठन खड़ा किया था। इसके बाद तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) ने झारखंड के चतरा, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, लातेहार और पलामू समेत बिहार के कुछ इलाकों में भी अपनी गतिविधियां बढ़ाईं। संगठन से जुड़ी कई हिंसक घटनाओं में कई लोगों की जान गई।





