
जमशेदपुर। सुभाष कॉलोनी से मानगो पुल तक करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से चल रही जलापूर्ति पाइपलाइन परियोजना में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जन विकास मंच ने सवाल उठाए हैं। मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु ने परियोजना में फायर हाइड्रेंट के प्रावधान और अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर मानगो अग्निशमन विभाग से जानकारी मांगी है।
मंच के अनुसार, इस मामले को लेकर 17 सितंबर 2026 को मानगो अग्निशमन विभाग में आरटीआई आवेदन दाखिल किया गया है। आवेदन में पूछा गया है कि परियोजना की डिजाइन और निर्माण के दौरान अग्निशमन विभाग से कोई परामर्श लिया गया था या नहीं और क्या इसके लिए एनओसी जारी की गई है।
मई 2025 से उठ रहा है मामला
जन विकास मंच का कहना है कि परियोजना में फायर हाइड्रेंट की व्यवस्था को लेकर मई 2025 में स्थानीय लोगों के साथ हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था। इसके बाद जुलाई 2025 में संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपने के साथ परियोजना स्थल का संयुक्त निरीक्षण भी किया गया था। हालांकि, संगठन के मुताबिक अब तक इस संबंध में स्पष्ट लिखित जानकारी नहीं मिली है।
सितंबर 2026 में मंच ने मानगो नगर निगम, उपायुक्त कार्यालय और जमशेदपुर अक्षेस को आरटीआई के जरिए अलग-अलग आवेदन देकर परियोजना से जुड़ी जानकारी मांगी। इसके बाद अग्निशमन विभाग से भी औपचारिक तौर पर जानकारी मांगी गई है।
इन बिंदुओं पर मांगा जवाब
आरटीआई के जरिए अग्निशमन विभाग से पूछा गया है कि—
क्या परियोजना के निर्माण से पहले विभाग से सलाह या एनओसी ली गई?
ऐसी परियोजना में राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) भाग-4 और झारखंड अग्निशमन सेवा से जुड़े प्रावधानों के तहत फायर हाइड्रेंट जरूरी है या नहीं?
क्या अग्निशमन विभाग परियोजना स्थल का निरीक्षण करेगा?
15 सितंबर को दिए गए पत्र पर विभाग ने क्या कार्रवाई की?
यदि परियोजना में फायर हाइड्रेंट की व्यवस्था नहीं है, तो क्या विभाग संबंधित प्राधिकार को आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा करेगा?
हादसे के बाद नहीं, निर्माण के दौरान हो सुरक्षा : सौरभ विष्णु
सौरभ विष्णु ने कहा कि सार्वजनिक धन से तैयार होने वाली परियोजनाओं में सुरक्षा व्यवस्था को निर्माण की शुरुआती योजना का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि मंच का उद्देश्य किसी विभाग पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक परियोजनाओं में नागरिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी और अनुपालन हो।
जन विकास मंच ने कहा है कि मानगो नगर निगम, उपायुक्त कार्यालय, जमशेदपुर अक्षेस और अग्निशमन विभाग से लिखित जवाब मिलने के बाद ही मामले को आगे बढ़ाया जाएगा। संगठन ने इसे जनहित से जुड़ा और गैर-राजनीतिक मुद्दा बताते हुए परियोजना में सुरक्षा मानकों की स्पष्टता की मांग की है।





