
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। जमशेदपुर पुलिस, कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और कोलकाता एसटीएफ की संयुक्त टीम ने जिले के दुर्गम जंगल और पहाड़ी इलाकों में करीब 11 घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। अभियान के दौरान दो अलग-अलग स्थानों से माओवादी ठिकानों में छिपाकर रखे गए हथियार, कारतूस, मैगजीन और अन्य सामग्री बरामद की गई।
पुलिस के मुताबिक, यह संयुक्त अभियान वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब के निर्देश पर बुधवार सुबह करीब पांच बजे शुरू हुआ और शाम करीब चार बजे तक चला। अभियान के दौरान एमजीएम थाना क्षेत्र के छोटा बांकी-कुड़लुंग पहाड़ और चाकुलिया थाना क्षेत्र के जोभी जंगल में सुरक्षा बलों ने संदिग्ध स्थानों की गहन तलाशी ली।
पुलिस के अनुसार, भाकपा माओवादी से जुड़े मंगल महतो और और उसकी पत्नी मालती मुर्मू से मिली जानकारी तथा उनकी निशानदेही के आधार पर जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। एमजीएम थाना क्षेत्र के कुड़लुंग पहाड़ में तलाशी के दौरान जमीन में छिपाकर रखी गई एक इंसास राइफल, 85 कारतूस, 3 मैगजीन और एक सीलिंग बरामद की गई।
गौरतलब है कि मंगल महतो और उसकी पत्नी को बंगाल की एसटीएफ ने कुछ दिनों पहले गिरफ्तार किया था। दोनों एक करोड़ के इनामी रहे असीम मंडल दस्ते के सदस्य है।
इसके बाद चाकुलिया थाना क्षेत्र के जोभी जंगल में चलाए गए अभियान में सुरक्षा बलों को एक AKM राइफल, 232 कारतूस और 5 मैगजीन मिलीं। इसके अलावा भी माओवादी गतिविधियों से संबंधित अन्य सामान बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
अभियान में शामिल जवानों ने दुर्गम पहाड़ी और घने जंगल वाले इलाकों में कई संदिग्ध स्थानों की तलाशी ली। पुलिस का मानना है कि बरामद हथियार और गोला-बारूद माओवादी संगठन द्वारा भविष्य में इस्तेमाल के लिए छिपाकर रखे गए थे। हालांकि, इन्हें जंगल में कब और किस उद्देश्य से रखा गया था, इसकी जांच की जा रही है।
बरामद सभी हथियारों, कारतूस और अन्य सामान को पुलिस ने विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल पूर्व में किसी हिंसक घटना या आपराधिक वारदात में किया गया था या नहीं।
पुलिस के अनुसार, बरामदगी के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। साथ ही नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सर्च ऑपरेशन आगे भी जारी रखा जाएगा।







